भारत से अमेरिका पढ़ाई करने गए 306 छात्रों को जबरन स्वदेश भेजा जाएगा। ये छात्र एक यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने आए थे, जो जांच में फर्जी निकली। कानून प्रवर्तन अधिकारियों की जांच में यूनिवर्सिटी में दाखिले के लिए विदेशी छात्रों को दिए जाने वाले वीजा घोटाले का भी पर्दाफाश हुआ है, जिसके बाद अमेरिकी सरकार यह कदम उठा रही है।
यह फर्जी यूनिवर्सिटी 2013 में स्थापित की गई थी। यूएसआईसीई होमलैंड सिक्यूरिटी इनवेस्टिगेशंस के प्रवक्ता अल्विन फिलिप्स के मुताबिक, ‘भारत के 306 लोग खुद को कथित तौर पर यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थर्न न्यू जर्सी के छात्र बता रहे थे।
इस यूनिवर्सिटी की पहचान कर ली गई है।’ स्टिंग ऑपरेशन में फर्जी यूनिवर्सिटी बनाने वाले 21 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार किए गए लोगों में से दस भारतीय हैं। जो लोग गिरफ्तार किए गए हैं, वे दलाल, भर्ती एजेंट और नियोक्ता थे, जिन्होंने गैरकानूनी तरीके और धोखाधड़ी से 22 छात्र वीजा और विदेशी कामगार वीजा हासिल करने में 26 देशों के 1000 विदेशियों की मदद की थी।