अमेरिका ने आतंकवादियों का समर्थन करने वाले देशों को बड़ी चेतावनी दी है। उसने कहा है कि
आतंकवादी संगठन किसी भी तरह से
परमाणु हथियार जुटाने की तैयारी में जुटे हैं। अमेरिका ने कहा कि यदि आतंकवादी परमाणु हथियार हासिल करने में सफल हो जाते हैं तो उनका समर्थन करने वाले देश ही इसके लिए जिम्मेदार होंगे। अमेरिका ने एक रिपोर्ट पेश करते हुए चेताया कि यदि अमेरिका और उसका समर्थन करने वाले देशों पर परमाणु हमला होता है तो उसके गंभीर परिणाम होंगे।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय में राजनीतिक मामलों को उपमंत्री टॉम शेनॉन पेंटागन में ट्रंप प्रशासन की परमाणु स्थिति समीक्षा (एनपीआर) रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि अमेरिका परमाणु हथियार हथियाने में जुटे आतंकियों का समर्थन करने वाले किसी भी गैर-राजनीतिक अथवा आतंकी संगठन की जवाबदेही तय करेगा। हालांकि शेनॉन और एनपीआर की सौ पन्नों वाली इस रिपोर्ट में कहीं भी यह नहीं बताया गया है कि आतंकवादियों के हाथ किन देशों के सहयोग से परमाणु हथियार लग सकते हैं। इस रिपोर्ट में आतंकियों की मदद करने वाले किसी भी देश की पहचान उजागर नहीं की गई है।
उत्तर कोरिया, पाकिस्तान और ईरान पर संदेह
परमाणु हथियार
- फोटो : File Photo
यद्यपि अमेरिकी अधिकारी कई बार पाकिस्तान के परमाणु हथियार आतंकवादियों के हाथ लगने की आशंका को लेकर चिंता जताते रहे हैं। इस चिंता के एवज में पाकिस्तान हमेशा से उसके परमाणु हथियारों को दुनिया में सबसे सुरक्षित बताते हुए अमेरिकी आशंकाओं को खारिज करता रहा है। इस दौरान उप-ऊर्जा मंत्री डेन ब्रोइलेटे और उप-रक्षामंत्री पैट्रिक शानाहन भी मौजूद थे। ब्रोइलेटे ने कहा कि अमेरिका परमाणु प्रसार गतिविधियों पर करीबी निगाह बनाए रखेगा। बताया गया कि परमाणु आतंकवाद के खतरे को रोकने के लिए अमेरिका काम कर रहा है, ताकि परमाणु हथियार और उससे जुड़ी तकनीकी आतंकियों के हाथ लगने से रोकी जा सके।
अमेरिकी मंत्रियों द्वारा पेश ट्रंप प्रशासन 2018 : परमाणु स्थित समीक्षा रिपोर्ट में भले ही स्पष्ट रूप से किसी देश का नाम न लिया गया हो लेकिन अमेरिका को पाकिस्तान, उत्तर कोरिया और ईरान पर सबसे ज्यादा संदेह है कि यह देश आतंकी संगठनों को परमाणु हथियार मुहैया करा सकते हैं। अमेरिका कई बार इस बारे में आरोप भी लगा चुका है। कल ही व्हाइट हाउस ने पाक को कहा था कि आतंक को समर्थन देने वाले हमारे मित्र नहीं हैं।