अमेरिकी कांग्रेस ने एक अहम कदम उठाते हुए कहा है कि पाकिस्तान को 40 करोड़ डॉलर की मदद तब तक नहीं दी जा सकती जब तक कि रक्षामंत्री इस बात को प्रमाणित नहीं करते कि इस्लामाबाद अमेरिकी हितों पर निशाना साधने के आरोपी हक्कानी नेटवर्क के खिलाफ ‘स्पष्ट’ कदम उठा रहा है।
सीनेट ने बृहस्पतिवार को सात के मुकाबले 92 मतों से 2018 राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकार अधिनियम (एनडीएए) पारित किया जो गठबंधन सहायता कोष (सीएसएफ) के 90 करोड़ डॉलर में से 40 करोड़ डॉलर पाने के योग्य होने के लिए पाकिस्तान पर चार शर्तें लगाता है। पिछले सप्ताह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने एनडीएए 2017 को (34 के मुकाबले 375 मतों से) पारित किया था।
यह अधिनियम अब व्हाइट हाउस जाएगा ताकि राष्ट्रपति बराक ओबामा के हस्ताक्षर के बाद यह कानून बन सके। एनडीएए 2017 के अनुसार रक्षा मंत्री को कांग्रेस को यह प्रमाणित करना होगा कि पाकिस्तान ऐसे सैन्य अभियान चला रहा है जो पाकिस्तान में हक्कानी नेटवर्क की पनाहगाहों एवं स्वतंत्रता को बाधित करने के लिए अहम योगदान दे रहे हैं। पाकिस्तान ने इस समूह को अपने देश का इस्तेमाल करने से रोकने की अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाने के लिए कदम उठाए हैं।