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अमेरीका में नौकरियों की बाढ़, पर धड़ाम हुए शेयर बाजार

Fri, 09 Feb 2018 01:38 PM IST
बीबीसी, हिंदी
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स्टॉक एक्सचेंज
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अमरीकी शेयर बाजारों में गुरुवार को एक बार फिर तेज गिरावट आई और डाओ जोंस हफ्ते में दूसरी बार 1000 अंकों से अधिक टूट गया। शेयर बाजारों में बिकवाली हावी रही और डाओ जोंस 4.15 प्रतिशत टूट कर 23,860 अंकों पर बंद हुआ। एसएंडपी 500 इंडेक्स में भी पौने चार फीसदी की गिरावट आई और ये 100 से अधिक टूटा। नैस्डैक में 275 अंकों की गिरावट आई और ये 6,777 के स्तर तक फिसल गया। यूरोपीय बाजारों में गिरावट के बाद अमरीकी बाजारों में गिरावट से निवेशकों के हाथ-पांव फूल गए हैं। लंदन स्टॉक एक्सचेंज में डेढ़ फीसदी, जर्मनी के शेयर बाजारों में 2.6 फीसदी और फ्रांस के शेयर बाजारों में 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। गिरावट की वजह दुनियाभर की अर्थव्यवस्थाओं में महंगाई का बढ़ना और ब्याज दरों में बढ़ोतरी को माना जा रहा है।

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सोमवार को भी कारोबारी सत्र में डाओ जोंस 1,175 अंकों यानी 4.6 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 24,346 के स्तर पर बंद हुआ था। अमरीकी शेयर बाजार में अगस्त 2011 के बाद आई यह सबसे बड़ी गिरावट थी। बैंक ऑफ इंग्लैंड की ताजा क्रेडिट पॉलिसी में ब्याज दरों को हालांकि 0.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है, लेकिन कहा गया है कि ब्याज दरों में जल्द बढ़ोतरी होने की संभावना है। गुरुवार को अमेरीका में साप्ताहिक बेरोजगारी का आंकड़ा आया, जिसमें बेरोजगारी भत्ता हासिल करने वालों की संख्या 45 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई है। इस खबर के बाद शेयर बाजारों में तेज गिरावट का रुख रहा। अधिक नौकरियां मिलने का मतलब है कि नियोक्ताओं को नए कर्मचारियों को बनाए रखने के लिए अधिक और आकर्षक वेतन देना होगा ताकि उन्हें नौकरी पर बनाए रखा जा सके। अधिक तनख्वाह का मतलब है कि महंगाई बढ़ सकती है और महंगाई दर को काबू में रखने के लिए ब्याज दरों को बढ़ाने का फैसला हो सकता है।

दुनिया में अधिकांश केंद्रीय बैंक महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी का हथियार इस्तेमाल करते हैं। ब्याज दरें अधिक होने का असर कर्ज पर पड़ेगा, मतलब कंपनियों और व्यक्तियों के लिए कर्ज लेना महंगा हो जाएगा। हालांकि शेयर बाजारों में गिरावट की एक वजह विश्लेषक मुनाफावसूली को भी मान रहे हैं। जानकारों का कहना है कि शेयर बाजारों में पिछले कुछ महीनों से लगातार खरीदारी का दौर चल रहा है और अब मुनाफावसूली के कारण इनमें गिरावट आ रही है।

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