अमेरिका ने कहा है कि चरमपंथी हमले की आशंका के कारण वो उत्तरी अफ्रीका और मध्य पूर्व में अपने दूतावासों को शनिवार तक बंद रखेगा।
अमेरिका के 21 दूतावास और वाणिज्य दूतावास रविवार को बंद रहे। इनमें अम्मान, काहिरा, रियाद और ढाका के अमेरिकी दूतावास शामिल हैं। हालांकि अल्जीयर्स, काबुल और बग़दाद में अमेरिकी दूतावास सोमवार को खुले हैं।
लेकिन अबू धाबी, अम्मान, काहिरा, रियाद, दोहा, दुबई, कुवैत, मनामा, मस्कट और त्रिपोली में अमेरिकी दूतावास शनिवार तक बंद रहेंगे।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने ये भी कहा कि अंतानारीवो, बुजुम्बरा, जिबोती, खारतोम, किगाली और पोर्ट लुई के दूतावास भी इस हफ्ते बंद रहेंगे।
‘सावधानी भरा कदम’
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह कदम किसी नए ख़तरे की प्रतिक्रिया के चलते नहीं बल्कि “सावधानी रखते हुए” उठाया गया है।
दूतावासों को बंद रखने का ये फैसला ऐसे वक़्त आया है जब अमेरिकी सरकार अपने विवादास्पद निगरानी कार्यक्रम का बचाव कर रही है।
पिछले साल लीबिया के बेनग़ाज़ी में हुए हमले की वजह से भी अमेरिका के लिए दूतावासों की सुरक्षा चिंता का विषय बनी हुई है। इस हमले में अमेरिका के राजदूत और तीन अन्य लोग मारे गए थे।
क्या थी साज़िश?
वॉशिंगटन में बीबीसी के संवाददाता डेविड विलिस के मुताबिक अमेरिका कांग्रेस के जिन सदस्यों को इस ख़तरे के बारे में बताया गया है उनका मानना है कि ये बीते कुछ सालों में सबसे गंभीर ख़तरा है।
सभी ने इस ओर इशारा किया है कि आशंका बड़े हमले की है जो रमज़ान के आखिर में हो सकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अपने नागरिकों को जो ट्रेवल अलर्ट जारी किया है वो अगस्त के आखिर तक लागू रहेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय का मानना है कि मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका में हमले की आशंका सबसे ज़्यादा है।
अल-क़ायदा के सहयोगी संगठन ने यमन और अल-क़ायदा ने अरब प्रायद्वीप में बीते कुछ सालों में कई बड़े हमले करने की कोशिश की है।
बताया जा रहा है कि अमेरिका का दूतावास बंद रखने और यात्रा अलर्ट जारी करने का यह निर्णय तब आया जब उसने अल क़ायदा द्वारा भेजे जा रहे संदेशों को सुन लिया था।
ऐसा माना जा रहा है कि ये संदेश अल-क़ायदा के वरिष्ठ नेताओं के बीच किसी दूतावास पर हमले की साजिश के बारे में थे। इससे पहले ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने कहा था कि यमन की राजधानी में ब्रितानी दूतावास मंगलवार तक बंद रहेगा।
ब्रिटेन सहित कई यूरोपीय देशों ने अस्थायी रूप से यमन में अपना मिशन बंद कर दिया है। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर नागरिकों से यमन ना जाने और यमन में रह रहे ब्रिटिश नागरिकों को जल्द से जल्द यमन छोड़ने की सलाह दी गयी है।
वेबसाइट पर कहा गया है कि "पूरा यमन आतंकवाद की चपेट में है। वहाँ हथियारबंद कबीलों, अपराधियों और आतंकवादियों के अगवा करने का बहुत ज़्यादा ख़तरा है।"