पाक को दी जा रही सुरक्षा मदद रोकने के बाद व्हाइट हाउस ने काफी तीखा बयान देते हुए कहा है कि आतंक से मित्रता रखने वाले और उसका समर्थन करने वाले देश कभी भी अमेरिका के दोस्त नहीं हो सकते हैं। व्हाइट हाउस ने कहा कि पाक की मदद रोककर यही संदेश देने की कोशिश की गई है।
पिछले महीने ही ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को दी जाने वाली दो अरब डॉलर की सुरक्षा मदद पर रोक लगा दी थी। उस समय ट्रंप ने कहा था कि आतंक के खिलाफ संघर्ष में इस्लामाबाद अमेरिकी उम्मीद के मुताबिक कार्रवाई नहीं कर रहा है।
ट्रंप के हाल ही में लिए फैसले का जिक्र करते हुए
व्हाइट हाउस ने अपनी विदेश नीति पर प्रकाश डालते हुए विस्तार से कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने हमारे सहयोगियों को यह साफ कर दिया है कि आतंकियों से मेल-मिलाप करने और समर्थन करने वाले अमेरिका के मित्र नहीं हो सकते हैं।
ट्रंप द्वारा मंगलवार को दिए स्टेट ऑफ दि यूनियन संबोधन के बाद व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा, राष्ट्रपति ने पाक की सुरक्षा मदद पर रोक लगा दी है। हालांकि, पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन देने के आरोपों से इनकार करता रहा है।
व्हाइट हाउस ने कहा कि
ट्रंप किसी भी सूरत में कट्टरपंथी इस्लामिक आतंक और इसकी विचारधारा को खत्म करने व इसका सामना करने की कोशिशों को प्राथमिकता देंगे। बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप की दक्षिण एशिया रणनीति में आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध न कराने की शर्त भी शामिल है।