अमेरिकी कांग्रेस संबंधी (संसदीय) हालिया रिपोर्ट में चौंका देने वाला तथ्य सामने आया है कि अमेरिका में कुल एच-4 वीजा पर काम करने की इजाजत पाने वालों में 93 प्रतिशत संख्या भारतीयों की है, जबकि शेष 7 में से 5 प्रतिशत संख्या चीन से आने वालों की है। अन्य विश्व के हिस्से में मात्र 2 प्रतिशत वीजा आता है। ये आंकड़ा कुल आवेदनों के बाद आखिरी मंजूरी पाने वाले वीजा के आधार पर है। ये रिपोर्ट जीवनसाथी वीजा पर जारी की गई है। इसमें ये भी दिया गया है कि एच-4 वीजा पाने वालों में से करीब 5वां हिस्सा अकेले कैलिफोर्निया में रहना पसंद करता है।
बता दें कि एच-4 वीजा उस स्थिति में लेना होता है, जब अमेरिका में एच-1 वीजा पर काम करने वाले की पत्नी या पति भी वहां काम करना चाहते हैं। रिपोर्ट तैयार करने के दौरान किए गए शोध में ये भी सामने आया है कि एच-4 वीजा पर काम करने की इजाजत मांगने वालों में 93 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है और मात्र 7 प्रतिशत पुरुष जीवनसाथी ही इस वीजा पर अमेरिका आए हैं। अमेरिकी कांग्रेस की स्वतंत्र कांग्रेस संबंधी रिसर्च सर्विस ने ये 9 पेज की रिपोर्ट तैयार की है, जो अमेरिका के कानून निर्माताओं की मदद के लिए समय-समय पर तैयार होने वाली रिपोर्टों की कवायद का हिस्सा है।
रिपोर्ट के अनुसार, मई, 2015 में एच-4 वीजा का नियम लागू होने से 25 दिसंबर, 2017 तक यूएस सिटीजनशिप एवं इमीग्रेशन सर्विस ने 1 लाख 26 हजार 853 एच-वीजा आवेदकों के आवेदन को मंजूरी दी। इसमें 90 हजार 946 को अंतरिम मंजूरी मिली, जबकि 35 हजार 219 मामले वीजा नवीनीकरण के थे और 688 ने कार्ड खो जाने के चलते नया एच-4 वीजा कार्ड बनवाने के लिए आवेदन किया था। इनमें 28 हजार 33 आवेदन कैलिफोर्निया स्टेट के थे, जबकि 20 प्रतिशत आवेदन टेक्सास और न्यू जर्सी से जुड़े हुए थे।