वेटिकन सिटी : चर्च में यौन शोषण पर पीड़ितों से खुलकर माफी मांगने वाले पोप फ्रांसिस ने अपील की है कि क्रिसमस को उपहारों के आदान-प्रदान और खरीदारी पर्व के रूप मे देखने के बजाय ईसा मसीह के जन्मदिन के रूप में देखें। उन्होंने कहा कि क्रिसमस का मूल मकसद फैशन नहीं, ईसा मसीह का जन्मदिन है। पोप की यह टिप्पणी उन विज्ञापनों के एवज में थी जो बताते हैं कि हमें सरप्राइज देने के लिए अधिक से अधिक नए उपहारों का आदान-प्रदान करना है।
पोप ने सवाल उठाया कि ‘क्या भगवान इस तरह का जश्न चाहते हैं? नहीं, क्योंकि क्रिसमस भगवान की मौन आवाज सुनने का त्यौहार है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं आपसे अपील करता हूं कि क्रिसमस को फैशनेबल ईवेंट न बनने दें। गरीब की मदद के बिना जगमगाती रोशनी और खूब सारे उपहार लेना क्रिसमस नहीं है।’