अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा अवैध प्रवासियों को देश से बाहर निकालने का नया फरमान सुनाने के बाद बिना दस्तावेजों के यहां रह रहे करोड़ों लोग बुरी तरह से डर गए हैं। वे न तो चर्च जा रहे हैं, न किसी स्टोर में शॉपिंग को जा रहे हैं, न डॉक्टरों से मिल रहे हैं और न ही वाहन चला रहे हैं। कई जगह अप्रवासी घरों में कैद हो गए हैं, ताकि कहीं उन पर कोई आरोप लगाकर देशनिकाला न दे दिया जाए।
इन अवैध प्रवासियों में लाखों भारतीय भी शामिल हैं। नए आदेश में अवैध प्रवासियों को आशंका है कि सार्वजनिक स्थलों पर उन्हें किसी भी तरह के अपराध में फंसाकर फौरन अमेरिका से निकालने की कार्रवाई की जा सकती है। इस आदेश के बाद लोगों में डर है कि उन्हें किसी वाहन की टेल लाइट तक टूटी मिलने पर अपराध में फंसाया जा सकता है। कैलिफोर्निया की सेंट्रल वैली में मजदूरी के लिए बिना दस्तावेज के अप्रवासियों को लिया जा रहा है लेकिन ये अप्रवासी अपने बच्चों को स्कूल से छोड़ने के बजाय घर पर ही छोड़कर आए हैं।
कमोबेश यही हालत पश्चिमी फोनिक्स और उत्तरी न्यू जर्सी में भी हैं जहां बड़ी संख्या में भारतीय भी रहते हैं। हालांकि अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे लोगों के लिए निर्वासन का खतरा हमेशा से बना रहा है लेकिन ट्रंप प्रशासन के नए कानून में तब तक उनके निर्वासन या देशनिकाले का खतरा नहीं है जब तक अप्रवासी किसी गंभीर अपराध में शामिल नहीं पाए जाएं। फिर भी अप्रवासी इस बात से डरे हुए हैं कि सरकार द्वारा उन्हें देश के बाहर करने के लिए कानून को किसी भी तरह से तोड़ा-मरोड़ा जा सकता है। इस डर से लॉस एंजेलिस में कई लोगों ने खुद को अपने घरों में बंद कर लिया है।