प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए योग के मंत्र के बाद अमेरिका में न सिर्फ योगासन का चलन बढ़ा है बल्कि अब यहां के कई बड़े शहरों में बाकायदा ध्यान की कक्षाएं भी लगने लगी हैं। बाहरी दुनिया के शोर गुल और मन की उथल पुथल के बीच शांति की खोज में अमेरिका के भीतर भारत के ध्यान को सबसे ज्यादा तरजीह दी जाने लगी है।
न्यूयॉर्क से लगे मैनहट्टन में शाम पांच बजे से ध्यान केंद्र की तरफ कई लोगों को जुटे हुए देखा जा सकता है। इन्हीं में से एक हैं 31 साल की जूलिया लायंस। वह अपना सारा कामकाज समेटकर शाम को सीधे ध्यान केंद्र जाकर आधे घंटे गहरे ध्यान में डूबने की कोशिश करती हैं। वह निवेश बैंकर हैं और अप्रैल 2016 में अचानक उन्होंने ध्यान शुरू किया। उन्होंने कहा कि मैं शांति का एक लमहा चाहती हूं।
इस शहर में आप हमेशा भाग रहे होते हैं और यहां कोई भी ऐसा कोना नहीं जहां शांति हो। अब यहां मुझे कुछ मिल सकता है। हालांकि योग पूरी दुनिया भर में काफी मशहूर हो चुका है, जबकि ध्यान अभी भी चुनिंदा लोगों तक ही सीमित है। पश्चिम में अब तक ध्यान को आध्यात्मिकता से जोड़कर देखा जाता रहा है, लेकिन अब तस्वीर बदल रही है।
पढ़ें- यहां बियर पीते हुए योगा करते हैं लोग, दुनिया बोली-'एक पंथ दो काज'
अमेरिका के कई अस्पतालों में गंभीर बीमारियों के इलाज में ध्यान की मदद ली जा रही है। स्कूलों में टेलिविजन के जरिये ध्यान सिखाया जा रहा है। स्मार्टफोन तक सिमट चुकी जिंदगी का ही नतीजा है कि अमेरिका में अब निर्वाण और ध्यान एक बड़ा कारोबार बन रहा है।
लॉस एंजेलिस, मियामी, वाशिंगटन और बोस्टन में भी खुले ध्यान केंद्र
2015 में ग्रीनविच नाम के गांव में लोड्रो रिंजलर ने मेडिटेशन स्टूडियो खोला, लेकिन अब ब्रुकलिन और मैनहटन में भी उनके दो स्टूडियो हैं। लॉस एजेंलेस, मियामी, वॉशिंगटन और बोस्टन में भी कई मेडिटेशन स्टूडियो खुल चुके हैं।
रिंजलर कहते हैं कि यहां न्यूयॉर्क के समाज के हर तबके के लोग आते हैं। सब एक ही बात कहते हैं कि मुझे बहुत तनाव है। मैं जानना चाहता हूं कि अपने मन को कैसे नियंत्रित करूं। इन ध्यान केंद्रों में आधे घंटे का सेशन 10 डॉलर का है। स्टूडियो में हल्की रोशनी होती है, खास तरह की सुगंध होती है और ऑर्गेनिक टी भी मिलती है।
सिलिकॉन वैली में भी शुरू हुए मेडिटेशन सेंटर
सिलिकॉन वैली की कई कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए ध्यान के कोर्स आयोजित कर रही हैं। हॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री एमिली फ्लेचर ने 2012 में कंपनियों के कर्मचारियों के लिए मेडिटेशन कोर्स शुरू किया। शुरूआत में सिर्फ 150 लोग थे, लेकि आज यह संख्या 7,000 से ज्यादा है।
ऑनलाइन कोर्स के जरिये वह क्लीवलैंड, ओहायो और फ्लोरिडा जैसे शहरों तक पहुंचना चाहती हैं। जीवा मेडिटेशन की प्रमुख एमिली फ्लेचर कहती हैं कि मैं कंपनियों के सीईओ को ध्यान सिखाती हूं और इससे उन्हें फायदा होता है और वो मुझे अपनी कंपनी तक ले जाते हैं।