उत्तर कोरिया ने 60 वर्षों बाद कोरियाई युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के अवशेष अमेरिका को लौटा दिए हैं। इसके साथ ही कूटनीतिक स्तर पर वाशिंगटन और प्योंगयांग के बीच नए रिश्ते की शुरुआत हुई। 12 जून को सिंगापुर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई किम जोंग उन के बीच हुई ऐतिहासिक वार्ता के दौरान अवशेष लौटाए जाने पर सहमति बनी थी। उत्तर कोरिया द्वारा इस वादे को पूरा किये जाने के बाद ट्रंप ने भी इसे बड़ी सफलता बताई है और उन्होंने किम को इसके लिए धन्यवाद दिया है।
व्हाइट हाउस से जारी बयान में कहा गया कि उत्तर कोरिया के पूर्वोत्तर शहर वोनसान से बृहस्पतिवार को अमेरिकी सेना का एक विमान 55 छोटे बॉक्स लेकर दक्षिण कोरिया के ओसान स्थित अपने बेस पर पहुंचा। इन बॉक्सों में 1950-53 के दौरान कोरियाई युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के अवशेष थे और उन पर संयुक्त राष्ट्र का चिह्न भी लगा था। इस युद्ध में चीन ने उत्तर कोरिया की सहायता की थी।
दक्षिण कोरिया ने अमेरिकी सैन्य दल के साथ युद्ध में हिस्सा लिया था। इस युद्ध में अमेरिका के तीन लाख 26 हजार सैनिक शामिल हुए थे। इनमें से 5300 अमेरिकी सैनिकों की उत्तर कोरिया में मौत हो गई थी। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स ने कहा कि औपचारिक स्वदेश वापसी समारोह एक अगस्त को आयोजित किया जाएगा।
ट्रंप ने इसे बड़ी सफलता बताते हुए ट्वीट किया कि कई परिवारों के लिए यह बेहद खुशी का मौका होगा। किम जोंग उन का धन्यवाद। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अवशेषों की पुष्टि के लिए इनकी फोरेंसिक जांच की जाएगी। इसके अलावा दक्षिण कोरिया ने भी उत्तर कोरिया के इस कदम की सराहना की है। उसने कहा कि इससे अमेरिका और उत्तर कोरिया के संबंध मजबूत होंगे।