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अफगानिस्तान में US के हमले से दहला PAK, IS को कड़ा संदेश

Fri, 14 Apr 2017 12:59 PM IST
amarujala.com- Presented by: अजय कुमार सिंह
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GBU-43B - फोटो : AP
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अफगानिस्तान में आईएस के ठिकाने पर सबसे बड़ा नॉन-न्यूक्लियर बम गिराने पर अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप प्रशासन की प्रशंसा की है। साथ ही कहा कि ट्रंप ने इस कार्रवाई के जरिए आतंकवादी संगठन ISIS को स्पष्ट संदेश दिया है। बता दें कि अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान के आचिन जिले में आतंकवादी संगठन ISIS के खोरासन के सुरंग परिसर पर अब तक सबसे बड़ा बम से हमला किया है। ये हमला पाकिस्तानी सीमा के पास नानागढ़ प्रांत में की गई है।
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बताया जा रहा है कि ये सुरंग अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा क्षेत्र में ISIS द्वारा उपयोग किया जा रहा था। यह पहला मौका था जब मोआब का मुकाबला करने में इस्तेमाल हुआ था, हालांकि इसे 2003 में विकसित किया गया था। जिस बम का उपयोग अमेरिका ने किया है ये बम सबसे पहले 2003 में टेस्ट किया गया था।

अमेरिकी सेना के कमांडर जनरल जॉन निकोलसन ने कहा '' जिहादियों के गुटों की हार में बढ़ोतरी हुई थी इसलिए बचाव के लिए वो आईईडी, बंकरों और सुंरगों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इनको कम करने और हमारी हमलों की गति बनाए रखने के लिए ये सही हथियार था।''
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कांग्रेस के केविन ने कहा ट्रम्प ने इस्लामिक स्टेट को एक मजबूत संदेश भेजा है जो रूस, उत्तर कोरिया, ईरान और दुनिया भर में सुना जाएगा। कांग्रेसी मैट गेटज ने कहा कि ट्रम्प के जीबीयू-43 को छोड़ने का फैसला दुनिया भर में ISIS को खत्म करने की अपनी गहरी प्रतिबद्धता दिखाता है। "यह संदेश उनके अभियान का हिस्सा था। उन्होंने कहा कि ट्रंप के इस कार्रवाई से स्पष्ट हो गया है कि वो अपनी सेना पर हमला किसी तरह की बर्दाश्त नहीं करेंगे।
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