अमेरिका में रहने वाले किसी अन्य देश के नागरिक अगर अपनी साथी की अनुमति के बगैर जबरदस्ती बच्चे को वापस अपने देश ले जाएंगे, तो उनके साथ-साथ उस देश पर भी अमेरिका सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।
अमेरिका के एक सांसद ने इस संबंध में एक विधेयक पेश किया है। इस विधेयक में अभिभावकों में से एक की मर्जी के बगैर दूसरे अभिभावक द्वारा अगवा किए गए बच्चों को अमेरिका वापस ना भेजने वाले देशों के लिए कर लाभों को समाप्त करने का प्रावधान है। इसका असर भारत जैसे कई देशों पर पड़ सकता है।
भारत-अमेरिका और ब्राजील अमेरिका के दो अभिभावकों ने आरोप लगाया था कि उनके बच्चों को अगवा कर लिया गया और उन्हें भारत और ब्राजील ले जाया गया। अमेरिकी अदालतों के आदेशों के बावजूद दोनों देश उनके बच्चों को वापस भेजने में मदद नहीं कर रहे हैं।
इन अभिभावकों के नाम पर ही इस विधेयक का नाम ‘बिंदु फिलप्स एंड डेवोन डेवनपोर्ट इंटरनेशनल चाइल्ड एब्डक्शन रिटर्न एक्ट ऑफ 2017’ रखा गया है। वैश्विक मानवाधिकार पर सदन की समिति के अध्यक्ष और कांग्रेस सदस्य क्रिस स्मिथ ने इस विधेयक को पेश किया।
उन्होंने कहा कि 13 में से 11 देशों ने बच्चों को लौटाने में मदद नहीं की। वर्ष 2016 में 629 अमेरिकी बच्चों को अभिभावकों में से किसी एक की सहमति के बगैर दूसरा अभिभावक अमेरिका से ले गया, जो अमेरिकी अदालतों और कानूनों का उल्लंघन है। इस विधेयक के पारित होने पर ऐसे देशों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकेगी।