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कोर्ट ने कैदी से कहा- तीन टन सोने का पता बताओ, नहीं तो जेल में ही सड़ो

Thu, 15 Dec 2016 08:33 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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थॉम्पसन
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अमेरिका में एक शख्स को इसलिए जेल में रखा गया है क्योंकि उसे तीन टन सोने के बारे में पता है। यह कोई मामूली व्यक्ति नहीं बल्कि 80 के दशक में अटलांटिक महासागर में दबे खजाने की खोज करने वाले टॉमी जी. थॉम्पसन हैं। थॉम्पसन छुपे खजाने का पता लगाने में माहिर थे।
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थॉम्पसन ने 1988 में अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े खजाने का पताया लगया था। खजाना खोजने के लिए उन्होंने निवेशकों की मदद ली थी। हालांकि बाद में थॉम्पसन पर निवेशकों के साथ धोखा-धड़ी का आरोप लगा। थॉम्पसन पर खजाने का पता लगने के बाद  फरार होने का भी आरोप लगा। अमेरिका के फेडरल एजेंट्स ने उनका पीछा फ्लोरिडा की हवेली सहित होटल में भी किया लेकिन वह हर बार बच निकलते थे। 

काफी समय तक थॉम्पसन की तलाश में रहे एजेंट्स ने आखिरकार 2015 में उन्हें पकड़ लिया। उम्रदराज हो चुके थॉम्पसन अब ओहियो की जेल में बंद हैं। उन्हें वहां तब तक रखने का आदेश दिया गया है जब तक कि वह 3 टन सोने का पता नहीं बता देते।
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1857 में समुद्री तूफान में फंसने के बाद स्टीमर डूब गया था

- फोटो : demo pic
1857 में समुद्री तूफान में फंसने के बाद एसएस सेंट्रल अमेरिका का स्टीमर डूब गया था। एसएस सेंट्रल अमेरिका कैलीफोर्निया के करीब 425 लोगों और तीन टन सोने को लेकर दक्षिण कैरोलिना की तरफ जा रहा था।

हालांकि इस खजाने को हासिल करने के लिए कई लोगों ने कोशिश की लेकिन किसी को सफलता नहीं मिली। पर थॉम्पसन ने अपने अभियान को सफल बनाने के लिए 160 से ज्यादा निवेशकों को फंडिंग के लिए तैयार किया।

थॉम्पसन ने जान जोखिम में डालने वासी इस यात्रा के लिए काफी मेहनत की। उन्होंने एक ऐसी तकनीक ईजाद की जिससे महासागर के गहरे पानी में उतरकर खजाने को आसानी से वापस लाया जा सके।

थॉम्पसन के इस अभियान में उनके क्रू को 19वीं सदी के दुर्लभ सिक्के, डूबे हुए जहाज की बेल और सोने की रोडें मिलीं। हालांकि यह माना जाता है कि जहां जहाज का मलबा पड़ा है उसका अब भी 95 प्रतिशत मलबा नहीं खोजा सका है।

सोना अमेरिका के इतिहास के सबसे बड़े खजाना का हिस्सा है

- फोटो : demo pic
1989 थॉम्पसन ने सार्वजिनक तौर पर कहा था कि खजाना खोजने में उनकी भूमिका को खराब तरीके से पेश किया जा रहा है। उन्होंने रिपोर्टर्स से कहा,'यह सोना अमेरिका के इतिहास के सबसे बड़े खजाना का हिस्सा है, पर साथ ही एसएस सेंट्रल अमेरिका भी हमारे राष्ट्र की कीमती सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है।'

मगर थॉम्पसन के धोखे से नाराज उनके अभियान के निवेशकों ने साल 2000 में उन्हें कोर्ट में चुनौती दी। निवेशकों ने उन पर आरोप लगाया कि थॉम्पसन ने लगभग सोना बेच दिया और सारा मुनाफा अपने ही पास रख लिया। साल 2012 में फेडरल जज ने थॉम्पसन को कोर्ट के सामने हाजिर होने का आदेश दिया, लेकिन वे नहीं आए। इसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया। 

कुछ समय बाद अधिकारियों को सूचना मिली कि थॉम्पसन फ्लोरिडा में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ किराए पर रहता है। लेकिन जब तक अधिकारी उसको पकड़ने के लिए पहुंचा वह वहां से भी फरार हो गया।
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एजेंट्स ने थॉम्पसन की गर्लफ्रेंड पर नजर रखना शुरू की

हालांकि इसके बाद एजेंट्स ने थॉम्पसन की गर्लफ्रेंड पर नजर रखना शुरू की और आखिरकार उन्होंने लंबी तलाश के बाद थॉम्पसन को जनवरी 2015 में गिरफ्तार कर लिया। थॉम्पसन को अप्रैल 2015 में अदालत की अवमानना का दोषी पाया गया और जेल भेज दिया गया। थॉम्पसन की वकील ने पिछले महीने कोर्ट से कहा, 'उनके मुवक्किल को याद नहीं है कि उन्होंने सोना किसे दिया है। 

एसोसिएटिड प्रेस के मुताबिक थॉम्पसन को तब तक जेल में रखा जाएगा जब तक कि वह सोने के बारे में नहीं बताएगा। यू.एस डिस्ट्रिक्ट जज ऐलगेनन मार्ब्ले ने सोमवार को सुनवाई के दौरान सोने के स्थान के बारे में टिप्पणी में करते हुए थॉम्पसन के संबंध में कहा,'किसे पता है, उसे अचानक से कुछ याद आ जाए।' 

अब आगे जो भी निर्णय आए लेकिन करीब 2 शताब्दी से लापता अमेरिका के खजाने की जानकारी सिर्फ थॉम्पसन को है। इसलिए उन्हें जेल से बाहर रखना जोखिम भरा माना जा रहा है। थॉम्पसन कितने वक्त बाद तीन टन सोने के राज का खुलासे करेंगे, इसको लेकर अमेरिका में उत्सुकता बरकरार है।
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