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ओबामा बोले- महत्वाकांक्षा पर लगाम लगाए चीन, नहीं तो भुगतना होगा अंजाम

Mon, 05 Sep 2016 03:37 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, दिल्ली
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अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने चीन की बढ़ती महत्वकांक्षाओं पर आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि चीन के पड़ोसी देश उसकी आर्थिक नीतियों और विवादित दक्षिण चीन सागर पर उसके आक्रामक रुख से चिंतित हैं। ओबामा ने कहा कि चीन को बढ़ती महत्वकांक्षाओं पर लगाम लगानी होगी। सीएनएन को दिए गए इंटरव्यू में ओबामा ने कहा, 'मैंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से बात की है और उनसे कहा कि अमेरिका खुद को नियंत्रित रखकर ही ताकतवर बना है।'
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ओबामा ने आगे कहा, 'आप जानते हैं कि हम लोग अंतर्राष्ट्रीय नियमों और कानूनों से बंधे हुए हैं। ऐसा इसलिए नहीं है कि हमें इन कानूनों के साथ रहना चाहिए बल्कि ऐसा इसलिए है कि हमने इन्हें लंबे वक्त से मान्यता दी है। एक मजबूत अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था हमारे हित में है और मैं मानता हूं कि इसी तरह लंबे वक्त के लिए यह चीन के हित में भी रहेगा।' ओबामा ने यह इंटरव्यू जी-20 में भाग लेने के लिए चीन रवाना होने से पहले दिया था।
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गरीब और कमजोर चीन सबके लिए खतरनाक

ओबामा ने कहा कि आज की तारीख में जब भी हम लोग अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के उल्लंघन की बात करते हैं तो उसमें दक्षिणी चीन सागर का जिक्र जरूर आता है। आए दिन इस क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसी तरह का उल्लंघन चीन आर्थिक नीतियों के मोर्चे पर भी कर रहा है। इसे लेकर हम लोग पूरी तरह से आश्वस्त हैं। 

राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि हम इन सभी मुद्दों को लेकर चिंतित हैं। हमने चीन को संकेत भी दे दिया है कि अगर यह ऐसा ही जारी रहा तो इसके नतीजे आएंगे। राष्ट्रपति ओबामा ने कहा कि हम चीन पर जोर दे रहे हैं कि वह अंतर्राष्ट्रीय नियमों के भीतर ही अपना कदम बढ़ाए, तभी वह हमारा पार्टनर बन सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि चीन जानता है कि उसके पास एक अरब से ज्यादा लोग हैं और वह दुनिया के सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक हैं। इसलिए चीन से यह अपेक्षा की जाती है कि अंतरराष्ट्रीय मामलों में उसकी भूमिका भी बड़ी होगी। इसीलिए मैं लगातार कह रहा हूं कि हम लोग चीन के शांतिपूर्ण उभार का स्वागत करते हैं जिसमें अंतर्राष्ट्रीय नियमों का पालन हो। यह सभी के लिए अच्छा रहेगा। गरीब और कमजोर चीन सबके लिए खतरनाक होगा।
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