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क्या है 74 साल के जेफरी लाइफ की जवानी का राज

Mon, 04 Feb 2013 02:12 PM IST
बीबीसी हिंदी
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चौहत्तर साल के डॉक्टर जेफरी लाइफ अमेरिका के शहर लास वेगास में रहते हैं और लोगों को बताते हैं कि बुढा़पे को कैसे टाला जा सकता है।
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असल में उनके शरीर की बनावट और उसकी क्षमता उनसे आधी उम्र के व्यक्ति जैसी है और मांसपेशियों का स्तर ऐसा है जिसकी बराबरी कई पुरुष कभी नहीं कर सकते हैं।

हंसमुख मिजाज के डॉक्टर लाइफ मृदुभाषी हैं और छरहरे नजर आते हैं। वो पेशे से खुद डॉक्टर हैं लेकिन अब लंबी उम्र पाने का दावा करने वाले कारोबार के ‘पोस्टर ब्वॉय’ बन गए हैं।

जब डॉक्टर लाइफ 60 की उम्र के करीब पहुंच रहे थे तो उन्होंने महसूस किया वो मध्यआयु के लटकती तोंद वाले व्यक्ति बन गए हैं और किसी भी समय उनकी मृत्यु हो सकती है।
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वो बताते हैं कि मेरा शरीर अजीब हो गया था। बहुत ज्यादा चर्बी चढ़ गई थी और डायबिटीज और दिल की बीमारी से परेशान था।

उसके बाद एक दिन कोई मरीज अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनानेवाली पत्रिका उनके क्लीनिक में भूल गया। उस पत्रिका से प्रेरित होकर डॉक्टर लाइफ ने अपने शरीर को सही शेप में लाने का फैसला किया।

कसरत
उन्होंने जिम में जमकर कसरत की शुरुआत की और एक साल के भीतर अपनी कायापलट कर ली। 1998 में उन्होंने ‘बॉडी फॉर लाइफ’ नामक प्रतियोगिता में हिस्सा लिया जो ऐसे लोगों के लिए थी जिन्होंने अपने शरीर में नाटकीय बदलाव लाने में कामयाबी हासिल की थी। इस प्रतियोगिता के 55 साल और उससे ऊपर की उम्र वाली स्पर्धा में उन्हें पहला पुरस्कार मिला।

इस अद्भुत अनुभव के बारे में डॉक्टर लाइफ कहते हैं कि इसने मेरी जिंदगी बदल दी और मुझे बहुत अच्छा अहसास हुआ। लेकिन जैसे-जैसे उनकी उम्र और बढ़ी, तो उन्हें अपनी छरहरी काया को बरकरार रखने में मुश्किल होने लगी।

60 के पार होने पर एक बार वो एक मेडिकल सम्मेलन में हिस्सा लेने लास वेगास गए और उनका परिचय सेनेजेनिक्स नाम की एक एज मैनेजमेंट कंपनी से हुआ।

कंपनी ये दावा करती थी कि वो अपने ग्राहकों को 'युवा दिखने और महसूस करने' में मददगार हो सकती है। डॉक्टर लाइफ को ये बात जंची और उन्होंने सही कसरत और पोषण के ज़रिए इस दिशा में काम करना शुरू किया।

हॉरमोन
लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात जो उन्हें पता चली वो ये कि अगर हॉरमोन की गड़बड़ी हो जाए तो इस लक्ष्य को पाया नहीं जा सकता। वो बताते हैं कि मैंने अपने ख़ून की जांच कराई और पाया कि मेरे शरीर में टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा काफ़ी कम हो गई है।

उसके बाद उन्होंने साप्ताहिक रूप से इस हॉरमोन का इंजेक्शन लेना शुरू किया। डॉक्टर लाइफ कहते हैं कि समस्या ये है कि जब एक व्यक्ति के शरीर में टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा कम हो जाती है तो जिम जाने की उसकी इच्छा भी कम हो जाती है। अगर वो जाते भी हैं तो उनका एक्सरसाइज़ करने का मन नहीं होता।

वो बताते हैं कि कई लोग उनके पास आते हैं जिन्हें ‘मेल-मेनोपाउज’ की समस्या होती है जिसे ‘एंड्रोपाउज़’ कहा जाता है। ऐसा होने पर पुरुषों में यौन संबंधों के प्रति अनिच्छा पैदा होने लगती है और शरीर को चुस्त-दुरुस्त रखने और उसके लिए प्रयास करने की इच्छाशक्ति कम हो जाती है।

टेस्टोस्टेरॉन के जोखिम
डॉक्टर लाइफ के मुताबिक जब मैं टेस्टोस्टेरॉन की मात्रा जरूरत के अनुकूल लेता हूं तो सब कुछ ठीक होने लगता है। शरीर में ऊर्जा भर जाती है, वसा की मात्रा कम होने लगती है और मांसपेशियां मज़बूत होने लगती हैं।

लेकिन टेस्टोस्टेरॉन की सही मात्रा क्या हो इसे लेकर विशेषज्ञों की राय अलग-अलग है। यूनिवर्सिटी ऑफ सदर्न कैलिफोर्निया के न्यूरोबायोलॉजिस्ट डॉक्टर क्रिस्चियन पाइक कहते हैं कि टेस्टोस्टेरॉन एक शानदार चीज है। ये चीजों का बोध करने की क्षमता बढ़ाता है, मस्तिष्क को मरने नहीं देता और अल्जाइमर्स की बीमारी के खतरे को कम कर देता है। मेरा मतलब है ये अद्भुत चीज है।
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लेकिन डॉक्टर पाइक हाल में सेक्स हॉरमोन के इस्तेमाल से उम्र बढ़ने की स्वाभाविक प्रक्रिया को रोकने बढ़ते चलन को लेकर सशंकित भी हैं।

उनका कहना है कि टेस्टोस्टेरॉन शरीर पर किस तरह असर करता है उसे पूरी तरह समझने के लिए गहन शोध की जरूरत है और जरूरत इस बात की है कि इसके लाभ और ख़तरों के बीच एक संतुलन रखा जाए। इसलिए कहा जा सकता है कि ये दोधारी तलवार की तरह है।

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