अमेरिका के दो शीर्ष सांसदों ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन करने का आरोप लगाते हुए ट्रंप प्रशासन से उसे मिलने वाली सैन्य सहायता में कटौती का आग्रह किया। सांसदों ने कहा कि इस्लामाबाद को अमेरिकी हथियारों को हासिल करना मुश्किल कर देना चाहिए।
कांग्रेस के समक्ष सुनवाई के दौरान सांसद डाना रोहराबाकर और टेड पो ने पाकिस्तान पर आतंकवाद में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को मिलने सैन्य सहायता में कटौती होनी चाहिए।
रोहराबाकर ने हाउस फॉरेन अफेयर्स सबकमेटी ऑन टेररिज्म, नॉन-प्रोलिफरेशन एंड ट्रेड हियरिंग ऑन फॉरेन मिलिट्री सेल्स के दौरान कहा, ‘हमें यह कहने की जरूरत है कि हम पाकिस्तान जैसे देशों को हथियार मुहैया नहीं कराने जा रहे हैं क्योंकि हमें डर है कि वह इससे हमारे ही लोगों को मारेंगे और हमें पता है कि वह आतंकवाद में शामिल हैं।’
उन्होंने कहा, ‘हम जानते हैं कि उन्होंने अब क्या किया है। वह अभी भी डाक्टर अफरीदी (ओसामा बिन लादेन का पता लगाने में मदद की) को तहखाने में रखे हुए हैं। रोहराबाकर ने कहा, ‘हमें हमारी सहायता और हथियार प्रणाली मिस्र जैसे देशों को मुहैया करानी चाहिए जो पश्चिमी सभ्यता सहित सभी सभ्यताओं के लिए मौजूद खतरे के खिलाफ लड़ रहा है।
हाउस फॉरेन अफेयर्स सबकमेटी ऑन टेररिज्म, नॉन-प्रोलिफरेशन एंड ट्रेड अध्यक्ष सांसद टेड पो ने कहा कि अमेरिका को पाकिस्तान के साथ कुछ समस्याएं हैं, पाकिस्तान अमेरिका का वफादार है या सहायता पाने के मुद्दे पर वह खेल कर रहा है।