सोमवार को फिनलैंड के हेलसिंकी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन के बीच मुलाकात होनी है। इससे ठीक तीन दिन पहले 2016 के अमेरिकी चुनाव में रूसी हस्तक्षेप की विशेष काउंसिल द्वारा चल रही में अमेरिका की ग्रांड ज्यूरी ने रूस के 12 खुफिया अधिकारियों के खिलाफ अभियोग दाखिल कर दिया है। यह आरोप पत्र एफबीआई के पूर्व निदेशक और विशेष काउंसिल रॉबर्ट मुलर ने तैयार किया है और वही इस मामले में चल रही जांच के प्रमुख हैं।
29 पेज का यह अभियोग दस्तावेज 2016 में रूस सरकार के हस्तक्षेप की तिथि के बारे में काफी विस्तृत जानकारी देता है। इसके चलते अमेरिका-रूस के बीच पहले से चल रहे तनावपूर्ण रिश्तों के ट्रंप और पुतिन की बैठक में और बढ़ने के आसार हैं। डिप्टी अटॉर्नी जनरल रॉड रोसेंस्टीन ने बताया कि अभियोग में रूसी अधिकारियों पर 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में मतदान पूर्व डेमोक्रेटिक पार्टी के ईमेल हैकिंग और हस्तक्षेप रचने की साजिश का आरोप शामिल है।
11 रूसी अधिकारियों पर कंप्यूटरों को हैक करने की साजिश रचने, दस्तावेज चोरी करने और चुनावों में हस्तक्षेप के मकसद से उन्हें जारी करने का आरोप लगाया गया है। 12वें रूसी अधिकारी पर चुनाव प्रबंधन में शामिल संगठनों के कंप्यूटरों में घुसपैठ करने की साजिश का आरोप है। रोसेंस्टीन ने बताया कि इस घोषणा से पहले उन्होंने ब्रिटेन यात्रा पर राष्ट्रपति ट्रंप को भी आरोपपत्र की जानकारी दे दी थी।
विरोध प्रदर्शनों के बीच स्कॉटलैंड पहुंचे ट्रंप
सोमवार को अमेरिकी और रूसी राष्ट्रपतियों की मुलाकात से पहले डोनाल्ड ट्रंप अपने विदेश यात्रा कार्यक्रम में स्कॉटलैंड पहुंच गए हैं। यूके में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच ट्रंप यहां सप्ताह के अंत में गोल्फ खेल रहे हैं। हवाईअड्डे पर स्कॉटलैंड के सचिव ने उनका स्वागत किया। लेकिन ट्रंप का यहां भी विरोध किया गया। वह यहां के प्रथम मंत्री निकोला स्ट्रजन से मुलाकात भी नहीं कर सकते क्योंकि वह ट्रंप की मुखर विरोधी हैं।
निकोला ने शनिवार को प्राइड ग्लास्गो मार्च में हजारों प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व किया। एडिनबर्ग में स्कॉटिश संसद के बाहर लोग राष्ट्रीय विरोध प्रदर्शन के लिए एकत्रित हुए। ट्रंप यहां से फिनलैंड जाकर पुतिन से मुलाकात करेंगे।