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IRIS Dena: 'अमेरिका को इस पर पछतावा होगा', ईरानी जहाज पर हमले के बाद अब्बास अराघची ने दी खुली चुनौती

Thu, 05 Mar 2026 12:07 PM IST
Riya Dubey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिका ने पनडुब्बी से हमला कर ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस डेना को डुबो दिया, जिसमें 87 लोगों की मौत हो गई। इसके बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि इस हमले के लिए उसे पछताना पड़ेगा और इसे अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में किया गया जघन्य अपराध बताया।
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अब्बास अराघची - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास अमेरिका ने पनडुब्बी से हमला कर ईरानी जहाज को डुबो दिया। इस हमले में 87 लोग मारे गए हैं। इस हमले के बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को खुली चुनौती दे दी है। अब्बास अराघची ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि अमेरिका को अपने इस हमले के लिए पछताना पड़ेगा। 

अराघची ने अपने पोस्ट में क्या लिखा?

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अब्बास अराघची ने पोस्ट में लिखा कि अमेरिका ने ईरान के तट से 2,000 मील दूर समुद्र में एक जघन्य अपराध किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना के मेहमान, लगभग 130 नाविकों को ले जा रहे फ्रिगेट 'डेना' पर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के हमला किया गया। उन्होंने आगे कहा कि मेरी बात याद रखना, अमेरिका को अपने इस कृत्य पर गहरा पछतावा होगा।

कब हुआ हमला?

हिंद महासागर में श्रीलंका के दक्षिणी तट के पास ईरान की नौसेना का फ्रिगेट आईआरआईएस डेना 4 मार्च की तड़के डूब गया। यह घटना अमेरिका-इस्राइल-ईरान युद्ध के बीच गहरे समुद्री क्षेत्र में हुई पहली बड़ी नौसैनिक घटना मानी जा रही है। इससे संघर्ष के भारत के समुद्री क्षेत्र तक फैलने की आशंका बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार जहाज श्रीलंका के गाले शहर से करीब 40 नॉटिकल मील दक्षिण में डूबा। यह पोत हाल ही में विशाखापत्तनम में आयोजित बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभ्यास MILAN 2026 और इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में हिस्सा लेने के बाद अपने देश लौट रहा था।

श्रीलंका ने क्या जानकारी दी?

श्रीलंकाई नौसेना और रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक यह हमला पनडुब्बी से दागे गए टॉरपीडो के जरिए किया गया। स्थानीय समय के अनुसार सुबह 5:08 से 5:30 बजे के बीच जहाज से संकट संदेश मिला, जिसमें समुद्र के नीचे हुए बड़े विस्फोट से जहाज को भारी नुकसान और तेजी से पानी भरने की जानकारी दी गई। कुछ ही मिनटों में जहाज रडार से गायब हो गया और डूब गया।

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अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने पुष्टि की कि अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा दागे गए टॉरपीडो से इस युद्धपोत को निशाना बनाया गया। गाले के अस्पताल अधिकारियों के अनुसार बचाव दल द्वारा अब तक 87 शव बरामद किए गए हैं। 32 नाविकों को बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि जहाज पर सवार करीब 180 लोगों में से लगभग 60 अब भी लापता बताए जा रहे हैं।
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