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अमेरिका के 28 राज्यों में अशांति, 10 हजार गिरफ्तार, लगातार 8वें दिन प्रदर्शन जारी

Thu, 04 Jun 2020 05:53 AM IST
योगेश साहू न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।
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अमेरिका में जॉर्ज फ्लोयड की मौत के विरोध में डेट्रायट में प्रदर्शन कर रहे लोगों को गिरफ्तार करते पुलिसकर्मी। - फोटो : PTI
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मिनेपोलिस शहर की पुलिस की हिरासत में अफ्रीकी मूल के अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के खिलाफ अमेरिका में शुरू हुआ हिंसक प्रदर्शन लगातार आठवें दिन जारी रहा। कई शहरों में लगे कर्फ्यू के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने इसका उल्लंघन किया। लॉस एंजिलिस में कर्फ्यू के बावजूद रैली निकाली गई। इस बीच, राष्ट्रपति ट्रंप के सेना लगाने के बयान पर व्हाइट हाउस ने बुधवार को नरम रुख अपनाया।

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न्यूयॉर्क, फिलाडेल्फिया, शिकागो और वाशिंगटन डीसी समेत अमेरिका के कई शहरों में अश्वेत की मौत के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किए गए। इनमें से कुछ जगह हिंसक प्रदर्शन भी हुए। कुछ स्थानों पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गए और बड़े पैमाने पर लूटपाट भी हुई। यहां संपत्ति व स्मारकों को नुकसान पहुंचाया गया और वाहनों को आग लगा दी गई।

ऐसा बताया जा रहा है कि अमेरिका में हालिया दशकों में इतने बड़े पैमाने पर असैन्य अशांति नहीं फैली है। प्रदर्शनों में हिंसा के चलते न्यूयॉर्क और वाशिंगटन समेत कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू को भी तोड़ा। बोस्टन में हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए और नारेबाजी की। यहां सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार भी किया गया। देश के 28 राज्यों और वाशिंगटन डीसी में अशांति है जहां 20,400 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
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विरोध प्रदर्शनों के बीच महात्मा गांधी की प्रतिमा को पहुंचाया नुकसान

अमेरिका के मिनेसोटा राज्य में अश्वेत जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के बीच वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के बाहर महात्मा गांधी की प्रतिमा को कुछ लोगोंं ने नुकसान पहुंचाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।



व्हाइट हाउस में हुई कार्रवाई की आलोचना
इस बीच राष्ट्रपति ट्रंप को चर्च दौरा कराने के लिए व्हाइट हाउस के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को बलपूर्वक हटाने की रिपब्लिकन सीनेटरों समेत कई नेताओं ने आलोचना की। आलोचकों का कहना है कि चर्च में ट्रंप के फोटो खिंचवाने के लिए पार्क में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाया गया। सैन्य वाहनों को व्हाइट हाउस के निकट सड़कों पर देखा गया और पार्क में बड़ी संख्या में सशस्त्र कर्मी देखे गए।

कहीं मार्च, कहीं लूटपाट तो कई टकराव होता रहा
न्यूयॉर्क में भी पुलिस की बर्बरता के खिलाफ हजारों लोगों ने सड़कों पर मार्च निकाला। मैनहट्टन के एक लोकप्रिय डिपार्टमेंटल स्टोर समेत कई स्थानों पर रात में लूटपाट की घटनाएं हुईं। सेंट लुइस में चार पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों को काबू करने के दौरान घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लास वेगास में भी प्रदर्शनकारियों की भीड़ को काबू करने की कोशिश में एक पुलिस अधिकारी को गोली लगी जो गंभीर हालत में है। अमेरिका के कई स्थानों से सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच संघर्ष की खबरें आई हैं।

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न्यूयॉर्क के गवर्नर का आरोप, पुलिस-मेयर ने सही काम नहीं किया

न्यूयॉर्क के गवर्नर एंड्रयू कुओमो ने कहा कि मुझे लगता है कि न्यूयॉर्क पुलिस विभाग और मेयर ने कल रात अपना काम संजीदगी से नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि न्यूयॉर्क शहर में कर्फ्यू के बावजूद लूटपाट जारी रही, पुलिस विभाग तथा मेयर बिल डी. ब्लासियो ने ढंग से अपना काम तक नहीं किया। हालात यहां तक बिगड़ गए कि लोग यह नहीं समझ पा रहे थे कि वे पुलिस का उपयोग करें या अपनी संपत्ति की रक्षा करें।

लिंकन के बाद मैंने अश्वेतों के लिए किया सबसे ज्यादा काम: ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि मेरी सरकार ने पूर्व राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन के बाद अश्वेत समुदाय के लिए सबसे ज्यादा काम किया है। उन्होंने कहा, ‘हमने अश्वेतों के कॉलेजों के लिए फंड की गारंटी दी, आपराधिक न्याय सुधार बिल लाए। अश्वेतों में बेरोजगारी, गरीबी और अपराध दर सबसे कम है।’ उन्होंने डेमोक्रेट नेता जो बिडेन पर पिछले 40 साल में अश्वेतों के लिए कुछ भी नहीं करने का आरोप भी लगाया।
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मेलानिया ट्रंप ने की शांति की अपील

अमेरिका की प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप ने लोगों से कर्फ्यू का पालन करने, रास्तों से हटने और अपने प्रियजनों के साथ समय बिताने की अपील की है। उन्होंने ट्वीट किया कि सभी शहर, समुदाय और नागरिक सुरक्षित रहने के हकदार हैं और यह तभी हो सकता है, जब हम शांति के लिए मिलकर काम करें। एक दिन पूर्व उन्होंने कहा था कि वह अपने देश और समुदायों को नुकसान पहुंचते हुए देखकर दुखी हैं।
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