अमेरिका चीन पर लगाम कसने की पूरी तैयारी में है। बुधवार को अमेरिकी संसद के एक सदन सीनेट में एक विधेयक पारित हुआ, जिसके अनुसार अलीबाबा ग्रुप होल्डिंग लिमिटेड और बैदू इंक जैसी चीन की कंपनियों को अमेरिकी शेयर बाजारों में प्रतिबंधित किया जा सकता है। अमेरिका की दोनों प्रमुख राजनीतिक पार्टियां (रिपब्लिकन और डेमोक्रैट) इस विधेयक के समर्थन में हैं, इसलिए ऐसे विधेयक को बाइपार्टिसन विधेक कहा जाता है।
ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार विधेयक के पारित होने से अमेरिका में लिस्टेड की कुछ सबसे बड़ी चीन की कंपनियों के शेयरों में गुरुवार को गिरावट दर्ज की गई। जबकि इस दौरान बाजार में तेजी रही। विधेयक में कहा गया है कि अमेरिकी कंपनियों में निवेश को बढ़ावा देने के लिए ऐसा कदम उठाया गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार चीन पर कोरोना वायरस को लेकर ठीकरा फोड़ रहे हैं और सबक सिखाने की भी बात कर रहे हैं।
विधेयक में प्रावधान है कि यदि कोई कंपनी यह साबित करने में असफल रहती है कि वो किसी विदेशी सरकार के नियंत्रण में नहीं है या तीन साल तक अमेरिकी पब्लिक अकाउंटिंग ओवरसाइट बोर्ड (पीसीएओबी) ये पता नहीं कर पाता है कि कोई भी कंपनी किसी विदेशी सरकार के नियंत्रण में है, तो ऐसी कंपनियों को अमेरिका के शेयर बाजारों में प्रतिबंधित कर दिया जाएगा।