अमेरिका ने एक बार फिर चीन में उइगर मुसलमानों का मुद्दा जोरशोर से उठाया है। अमेरिका ने कहा कि 10 लाख उइगर मुसलमानों को बंदी शिविरों में रखा गया है। इस पर दुनिया चुप क्यों है?
पिछले दिनों कुछ दस्तावेज लीक हुए थे। इनसे पता चलता है कि उइगर मुस्लिमों को किस प्रकार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। लीक दस्तावेजों के मुताबिक, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने खुद ही आदेश जारी करके कहा था कि चरमपंथ और अलगाववाद पर कोई रहम न किया जाए।
बता दें कि कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद जब पाकिस्तान ने मानवाधिकार उल्लंघन के झूठे दावे किए थे, तब भी चीन पाकिस्तान के साथ खड़ा दिखाई दिया था। चीन में खुलेआम मानवाधिकारों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और इस पर दुनियाभर के देशों ने चुप्पी साध रखी है।