अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन (फाइल फोटो)
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अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का प्रशासन फिलहाल चीन पर नरमी बरतते हुए दिखाई नहीं दे रहा है। विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा है कि बीजिंग में चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता यांग जेइची से बातचीत में उन्होंने शिनजियांग से लेकर हांगकांग और तिब्बत तक मानवाधिकारों के उल्लंघन का मुद्दा उठाया और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था तोड़ने पर चीन को जवाबदेह ठहराने का संदेश दिया है।
20 जनवरी को राष्ट्रपति बाइडन द्वारा काम शुरू करने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली वार्ता थी। ब्लिंकेन ने कहा कि अमेरिका लोकतांत्रिक मूल्यों समेत शिनजियांग, तिब्बत और हांगकांग में मानवाधिकारों के उल्लंघन को लेकर काफी चिंतित है। इससे पहले बाइडन ने यह साफ कर दिया था कि चीन का अड़ियल रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अब अमेरिकी विदेश मंत्री ने यांग जेइची से बातचीत के बाद ट्वीट किया कि उन्होंने फोन पर चीन को स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका अपने राष्ट्रीय हितों और लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए खड़ा रहेगा और वैश्विक व्यवस्था के दुरुपयोग पर बीजिंग को जवाबदेह ठहराएगा। ब्लिंकेन ने यह भी कहा कि चीन को चाहिए कि वह म्यांमार में तख्तापलट की निंदा करे।
चीन से अमेरिका की रणनीतिक प्रतिस्पर्धा : व्हाइट हाउस
व्हाइट हाउस ने माना है कि बाइडन प्रशासन चीन और तकनीकी को लेकर बीजिंग के साथ रणनीतिक प्रतिस्पर्धा में शामिल है। प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा, चीन का मकसद अमेरिका के दीर्घकालिक तकनीकी लाभ को कम करना है।
व्हाइट हाउस का यह बयान ऐसे समय आया है, जब रिपब्लिकन पार्टी की ओर से कहा गया है कि बाइडन प्रशासन चीन के प्रति काफी उदार रवैया अपना रहा है। रिपब्लिकन पार्टी के नेता टेड क्रूज द्वारा इस बारे में एक वीडियो के भीतर लगाए आरोपों से यह बहस तेज हो गई। बाइडन प्रशासन ने संकेत दिया है कि चीन के साथ उसका संघर्ष जारी है।