अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने अज्ञात उड़ने वाली वस्तुओं (यूएफओ) की एक शृंखला पर एक रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट के अवर्गीकृत दस्तावेजों में अमेरिकी सरकार ने पहली बार स्वीकार किया गया कि नौसेना के पायलटों और अन्य लोगों द्वारा ये अजीब हवाई दृश्य वैध जांच के योग्य है। खुफिया एजेंसी ने 144 मामलों का विस्तारपूर्वक अध्ययन किया है। हालांकि रिपोर्ट पर कई नए सवाल भी खड़े हो गए हैं।
अंतरिक्ष में सैकड़ों अज्ञात वस्तुएंं देखे जाने पर अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इसको समझ पाना मुश्किल है, लेकिन इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि कुछ विदेशी अंतरिक्ष यान, या ड्रोन हो सकते हैं। 144 अदृश्य वस्तुएं दिखे जाने में से केवल एक की ही पहचान हो पाई है। रिपोर्ट में कहा गया है, “यूएपी स्पष्ट रूप से उड़ान के मुद्दे की सुरक्षा को दर्शाता है और अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक चुनौती बन सकता है।”
जांचकर्ताओं को इस बात का कोई सुबूत नहीं मिला है कि ये अज्ञात वस्तुएं किसी अलौकिक जीवन का प्रतिनिधित्व करते हैं अथवा रूस या चीन जैसे किसी विरोधी देश की तकनीकी प्रगति का हिस्सा हैं। इस खुफिया रिपोर्ट में पहली बार अमेरिका ने सार्वजनिक तौर पर स्वीकार किया है कि यूएफओ अमेरिका में देखे गए थे और अमेरिकी नौसेना का इनसे सामना हुआ था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, हम पूरी तरह से विश्वास करते हैं कि हम जो देख रहे हैं वह केवल सेंसर कलाकृतियां नहीं हैं। ये ऐसी चीजें हैं जो भौतिक रूप से मौजूद हैं। रिपोर्ट की गई 80 घटनाओं में कई सेंसर का डाटा शामिल किया गया है। फ्लोरिडा के सीनेटर और सीनेट की खुफिया समिति के उपाध्यक्ष मार्को रूबियो ने कहा, देश की सुरक्षा में जुटे लोगों का अज्ञात विमानों से सामना हो चुका है और ये विमान बेहतर क्षमता के थे।
उच्च तकनीकी से लैस गुब्बारा हो सकता है : पेंटागन
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस रिपोर्ट के एक हिस्से में कहा है कि अमेरिकी नौसेना ने सैन्य अभ्यास के दौरान जो यूएपी देखा वह उच्च तकनीकी से युक्त था इसकी हमने पहचान कर ली है। खास बात यह रही कि पेंटागन ने इसे यूएपी (अनआइडेंटिफाइड एरियल फेनोमेना) कहा है न कि यूएफओ। गोपनीय रिपोर्ट में पेंटागन ने कहा कि अमेरिकी नौसेना ने जो समुद्र के अंदर यूएपी देखा था वो एक बहुत बड़ा उच्च तकनीकी से लैस गुब्बारा हो सकता है।
रिपोर्ट को लेकर उठे कई सवाल
अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने रिपोर्ट में कई विशेषज्ञों को भ्रम जैसे हालात दिखाई दे रहे हैं। रिपोर्ट में गुब्बारे की बात तो की गई लेकिन सवाल ये था कि आखिर नौसेना उस गुब्बारे को खोज क्यों नहीं पाई? बेहद एडवांस रडार भी आखिरकार गुब्बारे को क्यों पकड़ नहीं पाया? वहीं, खुफिया एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि हमने 144 अलग अलग घटनाओं का विस्तृत अध्ययन किया है, लेकिन, हमें कोई अलौकिक शक्ति का पता नहीं चला है। हालांकि यह जरूर पता चला है कि जो भी ऑब्जेक्ट्स आकाश में दिखे, वो असलियत हैं और हमें अभी भी उसके बारे में जानकारी नहीं है।
खुफिया रिपोर्ट पर अधिकारियों में मतभेद
सीएनएन के मुताबिक, रिपोर्ट तैयार करने में अधिकारियों के बीच काफी मतभेद उभरकर सामने आए हैं। अमेरिका की सरकार के साथ साथ अमेरिकी अधिकारियों ने भी इस रिपोर्ट को काफी गंभीरता से लिया है, लेकिन रिपोर्ट के मुताबिक रिपोर्ट तैयार करने के दौरान अधिकारियों के बीच कई बार झगड़े जैसा माहौल बन गया था। रिपोर्ट में इस बात की चिंता जताई गई है कि क्या चीन या रूस कोई बेहद एडवांस टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं? और क्या अमेरिका को एडवांस टेक्नोलॉजी को लेकर कोई जानकारी ही नहीं है। रिपोर्ट में ये भी माना गया कि यह पहली और आखिरी रिपोर्ट नहीं है, बल्कि अभी काफी काम करने की जरूरत है।