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अमेरिका: फिर सिर उठा रहे दक्षिणपंथी नेता, खुलेआम नस्लवाद भड़काने लगे ट्रंप समर्थक

Sun, 18 Apr 2021 05:03 PM IST
सुरेंद्र जोशी डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, वाशिंगटन

सार

  • अमेरिका फर्स्ट कॉकस के गठन का प्रयास
  • कैपिटॉल हिल हिंसा के बाद ठंडे पड़े थे
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USA Capitol building - फोटो : Agency
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विस्तार
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अमेरिका में इसी साल जनवरी में कैपिटॉल हिल (संसद भवन) पर हुए हमले के बाद बचाव की मुद्रा में आए धुर दक्षिणपंथी नेता अब फिर से सिर उठा रहे हैं। रिपब्लिकन पार्टी के धुर दक्षिणपंथी नेताओं ने एक नए गुट 'अमेरिका फर्स्ट कॉकस' के गठन का प्रयास शुरू कर दिया है। 

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इन दक्षिणपंथी नेताओं ने सात पेज का एक ड्राफ्ट जारी किया है। इसमें इस कॉकस का उद्देश्य 'अद्वितीय एंग्लो-सैक्सन राजनीतिक परंपरा' को आगे बढ़ाना बताया गया है। एंग्लो-सैक्सन समुदाय अंग्रेजी भाषी-श्वेत मूलवासी समुदाय से संबंधित लोगों को कहा जाता है। 

मीडिया में छपी रिपोर्टों के मुताबिक ये ड्राफ्ट रिपब्लिकन पार्टी के भीतर चर्चा के लिए बहुत से नेताओं को भेजा गया है। विश्लेषकों का कहना है कि पार्टी फिलहाल इस  आकलन के दौर में है कि 2022 में होने वाले संसदीय चुनाव में क्या धुर दक्षिणपंथी रणनीति से लाभ होगा। इस बीच धुर दक्षिणपंथी गुट ने पार्टी को अपने एजेंडे पर लाने की कोशिश शुरू कर दी है।
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कॉकस के पीछे मारजोरी टेलर ग्रीन का हाथ!
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिका फर्स्ट कॉकस के गठन की कोशिश के पीछे मुख्य नेता मारजोरी टेलर ग्रीन हैं। ग्रीन ने कैपिटॉल हिल पर हमला करने वाले लोगों का समर्थन किया था। इसके लिए आज तक उन्होंने माफी नहीं मांगी है, लेकिन शनिवार को एक ट्वीट में ग्रीन ने इस बात से इनकार किया कि उन्होंने इस गुट के गठन की पहल की है।  हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के सदस्य मैट गेट्ज और पॉल गोसार इस कोशिश से साफ तौर पर जुड़े हुए हैं। गेट्ज ने सार्वजनिक बयान में कहा है कि वे इस कॉकस में शामिल होंगे।

ट्रंप के पदचिन्हों पर चलने का प्रयास

जारी ड्राफ्ट में कहा गया है कि कॉकस 'पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदचिह्नों पर चलने' की कोशिश करेगा। इसमें चेतावनी दी गई है कि दुनिया के दूसरे हिस्से से बड़ी संख्या में लोगों के अमेरिका आते रहने के कारण अमेरिका की 'विशिष्ट पहचान' खतरे में पड़ गई है। 

विश्लेषकों के मुताबिक ड्राफ्ट में कई घोर संकीर्णतावादी बातें कही गई हैं। मसलन, इसमें कहा गया है कि 'अमेरिका फर्स्ट कॉकस ऐसे इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए काम करेगा, जिसके स्थापत्य कला, इंजीनियरिंग और सौंदर्य बोध में यूरोपीय आर्किटेक्चर की झलक मिले।'

 

श्वेत श्रेष्ठता के भाव भरा नजरिया

इस तरह कॉकस ने साफ किया है कि उसका नजरिया श्वेत श्रेष्ठता के भाव से प्रेरित है। विश्लेषकों का कहना है कि आधुनिक समय में अमेरिकी कांग्रेस (संसद) में संकीर्ण सोच का ऐसी खुला इजहार पहले कभी नहीं हुआ था। ड्राफ्ट के मुताबिक ये गुट आव्रजन, शिक्षा, विदेशी सहायता और चुनावी धांधली जैसे क्षेत्रों में काम करेगा और इनमें वैकल्पिक नीति तैयार करेगा। ड्राफ्ट में इस पर फिर से विचार करने की जरूरत बताई गई है कि अमेरिकी लोगों के हितों को कैसे सर्वोच्च महत्त्व दिया जाए। 

जानकारों का कहना है कि इस कोशिश और इस ड्राफ्ट को गंभीरता से लेने की जरूरत है। उनके मुताबिक पूर्व राष्ट्रपति ट्रंप के लिए रिपब्लिकन पार्टी और रिपब्लिकन समर्थक मतदाताओं में मौजूद भारी समर्थन के कारण मुमकिन है कि इस कॉकस का एजेंडा ही असल में रिपब्लिकन पार्टी का एजेंडा बन जाए। 

 
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ट्रंप विरोधी नेताओं ने किया विरोध

वैसे ट्रंप विरोधी रिपब्लिकन नेताओं ने इस ड्राफ्ट का विरोध किया है। शनिवार को हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव में रिपब्लिकन पार्टी के नेता केविन मैकार्थी ने एक ट्वीट में कहा कि 'रिपब्लिकन पार्टी अब्राहम लिंकन की पार्टी है। यह संकीर्ण भावनाएं भड़काने वाली नहीं, बल्कि सभी लोगों के लिए अधिक अवसर उपलब्ध कराने वाली पार्टी है।' 

हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव की सदस्य लिज चेनी ने इस ड्राफ्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- हम अपने बच्चों को सहनशीलता, शिष्टता और नैतिक साहस की शिक्षा देते हैं। नस्लवाद और संकीर्णता बुराई हैं। इतिहास की शिक्षा यह है कि ऐसी बुराइयों के खिलाफ हमें संघर्ष करना चाहिए। हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के एक अन्य सदस्य ऐडम किनजिंगर ने तो यहां तक कहा है कि जो लोग इस कॉकस में शामिल होंगे, उन्हें रिपब्लिकन पार्टी से निकाल दिया जाना चाहिए।
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