अमेरिका ने उत्तर कोरिया के खिलाफ लगे प्रतिबंधों को हटाने का मुखर विरोध किया है। अमेरिका ने कहा कि वह चीन और रूस के उस मसौदा प्रस्ताव का विरोध करता है, जो उत्तर कोरिया के महत्वपूर्ण निर्यातों पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों को खत्म करने से जुड़ा है।
अमेरिका ने कहा कि यह प्रस्ताव ऐसे समय लाया गया है जब उत्तर कोरिया उकसावे वाली कार्रवाई की धमकी दे रहा है और परमाणु निरस्त्रीकरण पर बातचीत करने के लिए हमारे अधिकारियों से मिलने से इनकार कर रहा है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप उन वादों की दिशा में प्रगति करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं, जो उन्होंने जून 2018 में सिंगापुर में उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ पहले सम्मेलन में किए थे, लेकिन अमेरिका अकेला यह नहीं कर सकता है।
संयुक्त सुरक्षा परिषद सदस्यों को सोमवार रात भेजे गए चीन और रूस के मसौदा प्रस्ताव के मुताबिक, यह उत्तर कोरिया के निर्यातों पर लगाए गए प्रतिबंध खत्म कर सकता है और इसका उद्देश्य वहां के नागरिकों की आजीविका को बेहतर बनाना है।
यह उत्तर कोरिया के लोगों के विदेश में काम करने पर लगी पाबंदी हटाने से भी जुड़ा है और विदेश में काम कर रहे सभी उत्तर कोरियाई लोगों को 22 दिसंबर तक वापस भेजने के फैसले को भी रद्द कर सकता है।