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अमेरिका: 67 साल में मृत्युदंड पाने वाली पहली महिला कैदी की सजा पर अंतिम समय में रोक

Tue, 12 Jan 2021 08:33 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इंडियाना
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Judge - फोटो : पिक्साबे
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अमेरिका के करीब सात दशक के इतिहास में किसी महिला कैदी को दी जाने वाली मौत की सजा पर अंतिम समय में रोक लगा दी गई है। साल 2004 में लीजा मोंटगोमेरी ने मिसूरी में रहने वाली एक गर्भवती महिला की हत्या करने के बाद उसके गर्भ से बच्ची को निकालकर अपने कब्जे में ले लिया था। मोंटगोमेरी को मंगलवार को इंडियाना के तेर्रे हाउते में एक केंद्रीय कारागार में मृत्युदंड दिया जाना था। 

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मोंटगोमेरी को को नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के शपथ लेने से आठ दिन पहले मौत की सजा दी जानी थी, जो मौत की सजा के खिलाफ रहे हैं। लेकिन, इंडियाना के दक्षिणी जिले के लिए जिला जज पैट्रिक हैनलॉन ने सोमवार देर रात यह कहते हुए मृत्यु दंड पर रोक लगा दी कि मोंटगोमेरी की मानसिक स्थिति का निर्धारण किया जाना जरूरी है। बता दें कि मोंटगोमेरी को टेक्सा के कार्सवेल में एक फेडरल मेडिकल सेंटर में रखा जा रहा है। यह मानसिक रूप से बीमार कैदियों के लिए जेल है। 


यह मामला 16 साल पुराना है। 16 दिसंबर 2004 को मोंटगोमेरी एक कुत्ते को गोद लेने के लिये कैनसास के मेलवर्न में स्थित अपने घर से लगभग 170 किलोमीटर दूर उत्तर-पश्चिमी मिसूर कस्बे के स्किडमोर में 23 वर्षीय कुत्ता विक्रेता बॉबी जो स्टिनेट के घर गई और रस्सी से गला दबाकर स्टिनेट की हत्या कर दी। इसके बाद उसने महिला का पेट चीरकर उससे बच्ची को निकाला और फरार हो गई थी। अगले दिन उसे गिरफ्तार कर नवजात बच्ची को छुड़ा लिया गया। उस बच्ची का नाम विक्टोरिया जो है, जो अब 16 साल की हो चुकी है।

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