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अमेरिका: भारतीय मूल के व्यक्ति ने मनी लांड्रिंग के आरोप को किया स्वीकार, होगी आजीवन कारावास की सजा

Wed, 28 Aug 2019 11:48 AM IST
Trainee Trainee वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला,न्यूयॉर्क
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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भारतीय मूल के एक व्यक्ति ने बिना लाइसेंस के नकद राशि को आभासी मुद्रा और आभासी मुद्रा को नकदी में बदलने का कारोबार करने के संबंध में संघीय आपराधिक आरोप स्वीकार करने पर सहमति जताई है।

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कुणाल कालरा ने नशीले पदार्थों का कारोबार करने वाले और अन्य अपराधियों समेत लोगों के लिए दो करोड़ 50 लाख डॉलर नकद राशि और आभासी मुद्रा बदली। कालरा के खिलाफ लॉस एंजिलिस की अमेरिकी जिला अदालत में चार आरोप तय किए गए थे। उसे अगले महीने अदालत में पेश किया जाएगा।

गृह सुरक्षा जांच (एचएसआई) के जांचकर्ताओं ने कालरा के पास से 8,89,000 डॉलर नकद और 54.3 बिटकॉइन और अन्य आभासी मुद्रा जब्त की। इन आरोपों के साबित होने पर कालरा को अधिकतम आजीवन कारावास की सजा हो सकती है।
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कालरा ने मीथमफीटैमाइन बेचने, बिना लाइसेंस के धन हस्तांतरण का कारोबार चलाने, धनशोधन करने के आरोप स्वीकार किए।

अदालत के दस्तावेजों के अनुसार मई 2015 से अक्टूबर 2017 के बीच कालरा ने आभासी मुद्रा बदलने का कारोबार किया जिसमें उसने डॉलर को बिटकॉइन और बिटकॉइन को डॉलर में बदलने का काम किया। इसके लिए वह कमीशन लिया करता था।

कालरा ने स्वीकार किया कि उसने अपराधियों के लिए भी बिटकॉइन को नकदी में बदला। इन अपराधियों में वे भी शामिल थे जो नशीले पदार्थों को बेचने जैसे अपराधों में लिप्त थे। ऐसा माना जा रहा है कि यह पहली बार है जब बिना लाइसेंस से मुद्रा बदलने का ऐसा कारोबार करने के संघीय आरोप लगाए है जिसमें बिटकॉइन मशीन का प्रयोग हुआ है।

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