- यूक्रेन के साथ व्यवहार में ट्रंप ने अपने हितों को देश के हितों से ऊपर रखा।
- यूक्रेन को सैन्य सहायता रोक कर देश की सुरक्षा व्यवस्था को बिगाड़ा।
- राजदूत पद से एक भ्रष्टाचार विरोधी शख्स को हटाया और ऐसे शख्स को बैठाया जो डेमोक्रेट्स खासतौर से राष्ट्रपति पद के लिए ट्रंप के संभावित प्रतिद्वंदी जो बिडेन व उनके बेटे रॉबर्ट के खिलाफ जांच के लिए यूक्रेन के राष्ट्रपति पर दबाव डाल सके।
- ट्रंप ने खुद को फिर से चुने जाने के लिए अपने पद और अधिकारिक शक्तियों का असीम उपयोग किया।
- ट्रंप और उनके वकीलों ने हाउस की जांच को बाधित किया, दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित किया।
- व्हाइट हाउस ने गवाहों को गवाही से रोका, एजेंसियों को दस्तावेज देने से मना किया, डेडलाइन गंवाई गईं, षड्यंत्र के आरोप ट्विटर पर लगाए गए।
- 71 दफा मांगने पर भी व्हाइट हाउस या सरकारी एजेंसियों ने एक भी दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया
निक्सन-क्लिंटन से भी आगे निकले ट्रंप
रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रंप पूर्व राष्ट्रपति निक्सन से भी आगे निकल गए जिन्होंने स्टाफ को गवाही की अनुमति दी थी। वहीं क्लिंटन ने 81 दफा पूछताछ का जवाब दिया था।
रिपब्लिकंस ने कहा, ठोस साक्ष्य नहीं
दूसरी ओर रिपब्लिकंस का कहना है कि डेमोक्रेट्स के पास ट्रंप के खिलाफ महाभियोग चलाने के लिए कोई ठोस साक्ष्य नहीं हैं। ट्रंप केवल यूक्रेन के प्रति व्यवहारिक और वास्तविक शंका रखते हैं।
ट्रंप पर महाभियोग के दूसरे चरण की शुरुआत बुधवार से हो चुकी है। रिपोर्ट में लगे महाभियोग के आरोपों और इनसे जुड़े अनुच्छेदों पर चर्चा व सुनवाई न्यायिक समिति में होगी। इसमें संविधान के विद्वान बैठेंगे, जिनमें हार्वर्ड, स्टेनफोर्ड, नॉर्थ कैरोलाइना और जॉर्ज वॉशिंगटन विश्वविद्यालयों के विधि के प्रोफेसर शामिल किए गए हैं। इसमें ट्रंप और उनके वकीलों ने हिस्सा लेने से इनकार कर दिया है। वहीं रिपब्लिकन सांसद ट्रंप को बचाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियां जता सकते हैं, और भाषण दे सकते हैं।
न्यायिक समिति वह आखिरी अवसर है, जहां से ट्रंप पर महाभियोग चलाने की प्रक्रिया को रोका जा सकता है। यहां आरोप पारित होते हैं तो इसके बाद सांसदों के वोट लिए जाएंगे। माना जा रहा है कि अगले दो हफ्तों में समिति की सुनवाई पूरी की जा सकती है। इसके बाद पूर्ण सदन में यह मतदान करवाया जा सकता है क्योंकि 20 दिसंबर से अमेरिका में क्रिसमस अवकाश शुरू हो रहे हैं। डेमोक्रेट सांसदों को उम्मीद है कि न्यायिक समिति दो हफ्ते में अपना काम कर लेगी। इसकी वजह समिति के अध्यक्ष जेरोल्ड नेडर हैं जो डेमोक्रेटिक समिति के अध्यक्ष भी हैं। हालांकि न्यायिक समिति के काम पूरा करने की निश्चित समय सीमा नहीं है।