अमेरिकी सरकार ने फ्लाइट में देरी होने के कारण जापान एयरलाइन पर 2.13 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। फ्लाइट में देरी होने के कारण यात्रियों को एयरपोर्ट पर खड़े प्लेन में कुछ घंटे बिताने पड़े थे।
अमेरिकी यातायात विभाग के साथ हुए समझौते के मुताबिक एयरलाइन को लगभग 42 लाख रुपये (60 हजार डॉलर) उधार दिए जाते हैं, ताकि ऐसे समय में यात्रियों मुआवजें के रूप में दी जा सकें। हालांकि, परिवहन विभाग ने एयरलाइन को थोड़ी राहत भी दे दी है।
विभाग ने कहा है कि अगर एयरलाइन के खिलाफ एक साल के भीतर इस तरह की गलती दोबारा नहीं दोहराती है, तो जुर्माने की राशि में से 85 लाख रुपये (करीब 1.20 लाख डॉलर) माफ कर दिए जाएंगे।
यातायात विभाग ने बताया कि खराब मौसम के कारण इस साल चार जनवरी को टोक्यो से न्यूयॉर्क जाने वाली फ्लाइट को शिकागो में लैंड करवाना पड़ा था। इस कारण फ्लाइट चार घंटे से अधिक लेट हो गई और यात्रियों को लंबे समय तक विमान में ही बैठना पड़ा।
ऐसी स्थिति में एयरलाइन स्टाफ को चाहिए था कि वे सभी यात्रियों की सहायता करें, मगर उन्होंने भी चार घंटे से ज्यादा वक्त तक ऐसा नहीं किया।
इसके बाद 14 मई को भी टोक्यो-न्यूयॉर्क फ्लाइट को वॉशिंगटन के पास डलास एयरपोर्ट पर डायवर्ट किया गया था, जहां यात्री पांच घंटे तक फंसे रहे। एक तरफ क्रू मेंबर्स की शिफ्ट खत्म हो रही थी और वहीं, दूसरी तरफ प्लेन में ईंधन भरा जा रहा था। ऐसे में यात्री परेशान हो रहे थे। जिससे फ्लाइट को न्यूयॉर्क पहुंचने में देर हो गई।
इस घटना के बाद यात्रियों ने जापान एयरलाइन्स के खिलाफ शिकायत कर दी, जिसे लेकर अमेरिकी सरकार ने अब सख्त कदम उठाया है। हालांकि एयरलाइन का कहना है कि मौसम संबंधी दिक्कतों के कारण फ्लाइट में देरी हुई।