अमेरिका सहित पूरे दुनिया की निगाहें अब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ लगे महाभियोग पर टिकी हुई हैं। महाभियोग ने वाशिंगटन में एक बार फिर राजनीतिक तनाव पैदा कर दिया है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स एक बार फिर आमने-सामने हैं। अदालत की कार्यवाही अगले सप्ताह सीनेट में शुरू होने वाली है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार ट्रंप के वकीलों की फौज महाभियोग अदालत में मुख्य आरोपों को खारिज करने का प्रयास करते हुए 3 नवंबर को हुए चुनाव में धोखाधड़ी के आरोप लगाएगी। जबकि ट्रंप के विरोधी कैपिटल हिल में हुए उपद्रव के लिए ट्रंप के भाषण को जिम्मेदार मानते हैं। 3 नवंबर से पहले ट्रंप ने कहा था कि अगर वह हारते हैं तो नतीजों को स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होंने ऐसा किया भी। चुनाव हारने के बाद उन्होंने लगातार एक के बाद एक बिना किसी तर्क के चुनाव में धोखाघड़ी की शिकायत की। ट्रंप ने अदालत में अनियमितता, धोखाधड़ी और जालसाजी के 50 से अधिक मुकदमे दायर किए हैं।
कांग्रेस में महाभियोग प्रस्ताव पारित होने के बाद महाभियोग न्यायालय अब सीनेट के अधिकार क्षेत्र में है। सीनेट में महाभियोग अदालत की कार्यवाही अगले मंगलवार से शुरू हो रही है। वहीं ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि उनका पक्ष रखने वकील उनकी जगह कोर्ट में मौजूद होंगे। ट्रंप के वकील महाभियोग अदालत में चुनावी धोखाधड़ी के ट्रंप के दावों को सही ठहराने की कोशिश करेंगे।
ट्रंप के पूर्व सलाहकार स्टीव बैनन का कहना है कि डेमोक्रेट नेता ट्रंप को दंडित करने के साथ उनका राजनीतिक भविष्य सील कर देना चाहते हैं। डेमोक्रेट्स महाभियोग अदालत को यह बताने की कोशिश करेंगे कि कैपिटॉल हिल पर हुए हमले के पीछे उपद्रवियों को उकसाने और भड़काने का काम किया गया।
हालांकि अनेक रिपब्लिकन भी ट्रंप के भड़काऊ भाषण के आलोचक रहे हैं और ट्रंप के बचाव में वो आगे नहीं आए। समय बीतने के साथ-साथ अब महाभियोग को लेकर नाराज रिपब्लिकन सिनेटेर का रुख थोड़ा नरम पड़ गया है जो ट्रंप के लिए राहत की बात है। ट्रंप समर्थकों का तर्क है कि महाभियोग न्यायालय संविधान के अनुसार आगे नहीं बढ़ सकता है। ट्रंप के वकीलों का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के सत्ता छोड़ने के बाद महाभियोग के लिए अमेरिकी संविधान में कोई प्रावधान नहीं है और अंत में सब कुछ निरर्थक साबित होगा।
दो मशहूर वकील ब्रूस केस्टर और डेविड स्क्वाइन ट्रंप के महाभियोग अदालत का सामना करने की तैयारी कर रहे हैं। पोलिटिको ने कहा कि वे भी नहीं चाहते थे कि 8 जनवरी की घटना पर अदालत में बहस हो। डेमोक्रेट्स को लगता है कि कैपिटल हिल में हुई अराजकता के बीच पांच लोग मारे गए और सीनेटर खुद असुरक्षित और पीड़ित थे।
अमेरिका के इतिहास में कैपिटल हिल में ऐसी अराजकता कभी नहीं देखी गई। रिपब्लिकन जॉन कॉर्निन का कहना है कि डेमोक्रेटिक पार्टी एक बड़ा अभियान चलाना चाहती है। कुछ रिपब्लिकन महाभियोग की कार्रवाई को सुनना और देखना चाहते हैं। अटॉर्नी एलेन दर्शीज, डोनाल्ड ट्रंप के पहले महाभियोग के दौरान एक वकील के रूप में शामिल थे। उनके अनुसार ट्रंप के वकीलों द्वारा 8 जनवरी की घटना से बचने के लिए अपनाई गई रणनीति सही नहीं है।