वहीं, इस मामले में ट्रंप के सहयोगी और देश के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने इस बात की पुष्टि की है कि 25 जुलाई को जब ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपित जेलेंस्की से फोन पर बातचीत की थी, तो उस दौरान वह वही मौजूद थे। हालांकि पोम्पियो ने इस बात की जानकारी नहीं दी कि ट्रंप और जेलेंस्की के बीच क्या बातचीत हुई थी। विदेश मंत्री ने कहा कि मैं उस दौरान दूसरे कॉल पर था।
इससे पहले, पोम्पियो ने तीन डेमोक्रेटिक हाउस कमेटी प्रमुखों पर आरोप लगाया था कि उन्होंने महाभियोग जांच के बहाने देश के विभिन्न विभागों के प्रतिष्ठित पेशेवरों को डराने, धमकाने और उनसे दुर्व्यवहार का प्रयास किया है।
दूसरी ओर, डेमोक्रेटिक सांसदों ने देश के शीर्ष राजनयिक पर जांच बाधित करने का आरोप लगाया। सांसदों ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में छपे इंटरव्यू से यह साबित होता है कि यूक्रेन मामले में दो राजनयिकों की सीधी भूमिका थी।
गौरतलब है कि हाल ही में आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप ने यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की पर दबाव डाला था कि वह अमेरिका में होने वाले 2020 के राष्ट्रपति चुनावों में संभावित प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार जो बाइडेन और यूक्रेनी गैस फर्म का काम देखने वाले उनके बेटे हंटर के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर जांच शुरू करवाएं।