अमेरिकी संसद ने शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अस्थायी सरकारी वित्त विधेयक भेज दिया, जिसके बाद अब संघीय बंद (फेडरल शटडाउन) की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही कोविड-19 सहायता को लेकर होने वाली चर्चा के लिए भी समय मिल जाएगा।
इस विधेयक के साथ ही अगले शुक्रवार मध्य रात्रि की समय सीमा तय हो गई है। इस लघु अवधि के उपाय को सीनेट ने ध्वनि मत से सर्वसम्मति के साथ पारित किया। सदन ने यह विधेयक बुधवार को पारित किया था और ट्रंप द्वारा इस पर मध्यरात्रि से पहले हस्ताक्षर करने की उम्मीद है।
गतिरोध के बावजूद इस बात पर आम सहमति थी कि महामारी राहत के काफी समय से लंबित विधेयक के बिना कांग्रेस इस साल के लिए स्थगित नहीं होगी। बता दें कि सांसदों के द्विपक्षीय समूह की ओर से आए 900 अरब डॉलर के सहायता पैकेज के प्रस्ताव का सीनेट के बहुमत के नेता मिच मैककॉनेल ने विरोध किया। इस पर बातचीत चल रही है।
सदन की अध्यक्ष नैन्सी पेलोसी ने कहा कि कांग्रेस सहमति बनाने के लिए क्रिसमस के बाद भी काम करती रहेगी। गौरतलब है कि नई कांग्रेस का शपथ ग्रहण तीन जनवरी को होना है।
हाल ही में संयुक्त राज्य अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट से वहां के वर्तमान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका लगा है। कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रंप समर्थित टेक्सास के मुकदमे को खारिज कर दिया, जिसमें नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडेन के चार प्रमुख राज्यों में जीत को चुनौती दी गई थी।
आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप को हार का सामना करना पड़ा है, लेकिन वह अपनी हार मानने के लिए तैयार नहीं है। उनके हालिया बयानों से तो यही प्रतीत हो रहा है। हाल ही में ट्रंप ने दावा किया था कि वह चुनाव जीत चुके हैं और पद पर भी बने रहेंगे। ट्रंप चुनाव में मतदान के फर्जीवाड़े समेत धोखाधड़ी के आरोप लगाते आ रहे हैं। हालांकि, राज्यों के चुनाव अधिकारियों और मीडिया ने इन आरोपों से साफ इनकार किया है। बाइडन 538 में से 306 इलेक्टोरल वोट जीत चुके हैं। अत: चुनाव अधिकारी उन्हें नव निर्वाचित राष्ट्रपति घोषित कर चुके हैं। चुनाव परिणामों को अगले हफ्ते आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया जाएगा।