चीन के शीर्ष व्यापार वार्ताकार और उप प्रधानमंत्री लियू हे ने बातचीत के बाद कहा कि अमेरिका के साथ यह व्यापार वार्ता बीजिंग में जारी रहेगी, लेकिन चेताया कि महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। लियू ने कहा, वार्ता टूटी नहीं है बल्कि दोनों देशों के बीच बातचीत का यह सिर्फ एक सामान्य मोड़ है। दोनों पक्ष चीन में आगामी वार्ता के लिए सहमत हैं लेकिन फिलहाल तारीख तय नहीं है।
चीन के सरकारी सीसीटीवी में कही गई टिप्पणियों पर उप प्रधानमंत्री लियू ने कहा कि जो मतभेद रह गए हैं वह काफी संवेदनशील हैं। ‘ये सिद्धांतों से जुड़े हैं और हम सिद्धांतों के मामले में कोई रियायत नहीं देते हैं।’ उन्होंने कहा कि फिर भी वह नहीं मानते कि वार्ता टूट गई है।
लियू ने कहा, ‘हमें लगता है कि यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है और हम आसानी से अपना विचार नहीं बदल सकते।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे बीच कुछ दस्तावेजों में कुछ शब्दों को लेकर मतभेद था और हमें इन मतभेदों को सुलझा लेने की उम्मीद है। ...इसलिए, हम इस मामले में बढ़ चढ़कर प्रतिक्रिया देने को अनावश्यक मानते हैं।'
वाशिंगटन में व्यापार वार्ता में चीन का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख दूत का कहना है कि अमेरिका के साथ शुल्क युद्ध में किसी समझौते पर पहुंचने में विफलता एक मामूली झटका है। उन्होंने कहा कि चीन से अमेरिका में होने वाले सामान पर आयात शुल्क बढ़ा दिये जाने के बावजूद वार्ता आगे जारी रहेगी।
ट्रेड वार्ता की विफलता के बाद ट्रंप ने ट्वीट किया कि यह आयात शुल्क हमारे देश को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत ही बनाएगा। बस पीछे बैठकर इसे देखते जाओ। उन्होंने यह भी दोहराया कि चीन को वार्ता के आखिरी समय में दोबारा सौदेबाजी नहीं करनी चाहिए थी। ट्रंप ने कहा कि ये नए टैरिफ कुछ ही सप्ताहों में लागू हो सकते हैं।