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बिना किसी समझौते के खत्म हुई अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता, ट्रंप ने बढ़ाया टैरिफ

Sun, 12 May 2019 05:50 AM IST
Gaurav Pandey वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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सांकेतिक तस्वीर
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अमेरिका और चीन के बीच दो दिनी व्यापार वार्ता बिना किसी समझौते के खत्म हो गई। वार्ता की विफलता के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने शीर्ष अधिकारियों को चीन से आयातित लगभग सभी तरह के माल पर टैरिफ (आयात शुल्क) बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दे दिए। 

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यह 300 अरब डॉलर के बराबर है और चीन से 200 अरब डॉलर मूल्य के उस आयात से अलग है, जिस पर शुल्क 10 से बढ़ाकर 25 प्रतिशत किया गया है। वार्ता की विफलता का एक कारण यह भी माना जा रहा है कि ट्रंप ने चर्चा से ठीक पहले 200 अरब डॉलर पर शुल्क बढ़ाते हुए लंबी आर्थिक लड़ाई जारी रखने की बात कही।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉबर्ट लाइथनाइजर और चीनी उप प्रधानमंत्री लियू हे के बीच शुक्रवार देर रात तक चली व्यापार वार्ता के बाद राजस्व मंत्रालय ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति ने चीन से आयात होने वाली उन सभी चीजों पर कर वसूली बढ़ाने का आदेश दिया है जो अब तक इससे बची हुई थीं। इनका मूल्य करीब 300 अरब डॉलर का है। 
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लाइथनाइजर ने कहा कि सार्वजनिक सूचना और टिप्पणी जल्द ही संघीय रजिस्टर में प्रकाशित होगी। यूएसटीआर (अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि) वेबसाइट पर ब्योरा सोमवार को उपलब्ध होगा। इस कदम से अमेरिका तथा चीन के बीच व्यापार युद्ध और भड़क सकता है।

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वार्ता टूटी नहीं, बीजिंग में जारी रहेगी : चीन

चीन के शीर्ष व्यापार वार्ताकार और उप प्रधानमंत्री लियू हे ने बातचीत के बाद कहा कि अमेरिका के साथ यह व्यापार वार्ता बीजिंग में जारी रहेगी, लेकिन चेताया कि महत्वपूर्ण सिद्धांतों पर कोई रियायत नहीं दी जाएगी। लियू ने कहा, वार्ता टूटी नहीं है बल्कि दोनों देशों के बीच बातचीत का यह सिर्फ एक सामान्य मोड़ है। दोनों पक्ष चीन में आगामी वार्ता के लिए सहमत हैं लेकिन फिलहाल तारीख तय नहीं है।

चीन के सरकारी सीसीटीवी में कही गई टिप्पणियों पर उप प्रधानमंत्री लियू ने कहा कि जो मतभेद रह गए हैं वह काफी संवेदनशील हैं। ‘ये सिद्धांतों से जुड़े हैं और हम सिद्धांतों के मामले में कोई रियायत नहीं देते हैं।’ उन्होंने कहा कि फिर भी वह नहीं मानते कि वार्ता टूट गई है।

लियू ने कहा, ‘हमें लगता है कि यह एक बहुत ही गंभीर मुद्दा है और हम आसानी से अपना विचार नहीं बदल सकते।’ उन्होंने कहा, ‘हमारे बीच कुछ दस्तावेजों में कुछ शब्दों को लेकर मतभेद था और हमें इन मतभेदों को सुलझा लेने की उम्मीद है। ...इसलिए, हम इस मामले में बढ़ चढ़कर प्रतिक्रिया देने को अनावश्यक मानते हैं।'

वाशिंगटन में व्यापार वार्ता में चीन का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख दूत का कहना है कि अमेरिका के साथ शुल्क युद्ध में किसी समझौते पर पहुंचने में विफलता एक मामूली झटका है। उन्होंने कहा कि चीन से अमेरिका में होने वाले सामान पर आयात शुल्क बढ़ा दिये जाने के बावजूद वार्ता आगे जारी रहेगी।
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नए कर देश को कमजोर नहीं मजबूत करेंगे : ट्रंप

ट्रेड वार्ता की विफलता के बाद ट्रंप ने ट्वीट किया कि यह आयात शुल्क हमारे देश को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत ही बनाएगा। बस पीछे बैठकर इसे देखते जाओ। उन्होंने यह भी दोहराया कि चीन को वार्ता के आखिरी समय में दोबारा सौदेबाजी नहीं करनी चाहिए थी। ट्रंप ने कहा कि ये नए टैरिफ कुछ ही सप्ताहों में लागू हो सकते हैं।
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