अमेरिका ने एलान किया है कि वह कोविड-19 के खिलाफ संघर्ष में विश्व स्तर पर 5.5 करोड़ टीके आवंटित करेगा। इस योजना में भारत और बांग्लादेश जैसे 18 एशियाई देशों को 1.6 करोड़ टीके दिए जाएंगे। पूर्व में आवंटित 2.5 करोड़ टीकों को मिलाकर बाइडन प्रशासन अब तक आठ करोड़ टीके वितरित करने की घोषणा कर चुका है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोविड महामारी को वैश्विक स्तर पर खत्म करने के मद्देनजर इन टीकों को जून के अंत तक वितरित करने का संकल्प लिया था। व्हाइट हाउस ने कहा, दुनियाभर में कोविड महामारी को खत्म करने की अपनी लड़ाई को जारी रखते हुए राष्ट्रपति बाइडन ने पूरी दुनिया को टीके उपलब्ध कराने में मदद का वादा किया है। इसके तहत, हमारी घरेलू आपूर्ति में से टीकों की खुराकें दान करने की योजना है और बाइडन ने जून के अंत तक आठ करोड़ टीके वितरित करने का संकल्प जताया है।
पूर्व में आवंटित कोविड-19 के 2.5 करोड़ टीकों को मिलाकर बाइडन प्रशासन अब तक आठ करोड़ टीके वितरित करने की घोषणा कर चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कोविड महामारी को वैश्विक स्तर पर समाप्त करने के मद्देनजर इन टीकों को जून के अंत तक वितरित करने का संकल्प लिया था।
व्हाइट हाउस ने कहा कि दुनियाभर में कोविड महामारी को समाप्त करने की अपनी लड़ाई को जारी रखते हुए राष्ट्रपति बाइडन ने पूरी दुनिया को टीके उपलब्ध कराने में सहायता का वादा किया है। इसके तहत, हमारी घरेलू आपूर्ति में से टीके दान करने की योजना है और राष्ट्रपति ने जून के अंत तक आठ करोड़ टीके वितरित करने का संकल्प जताया है।
उन्होंने कहा कि आठ करोड़ टीकों में से 75 फीसदी कोवैक्स अभियान के जरिए वितरित किए जाएंगे जबकि 25 फीसदी टीके उन देशों को मुहैया कराए जाएंगे जोकि संक्रमण के अत्याधिक मामलों से जूझ रहे हैं। व्हाइट हाउस ने अपने बयान में कहा कि एशियाई देशों- भारत, नेपाल, बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, अफगानिस्तान और अन्य को लगभग 1.6 करोड़ (16 मिलियन) खुराक आवंटित की जाएगी।
अमेरिकी योग संस्था करेगी भारत की मदद
कोरोना की दूसरी लहर से लड़ाई में अमेरिकी गैर-लाभकारी योग व ध्यान संस्था ने वेंटिलेटर आपूर्ति करके भारत के समर्थन की घोषणा की है। अमेरिकन एकेडमी फॉर योग एंड मेडिटेशन (एएवाईएम) ने विश्व योग दिवस के मौके पर यह घोषणा की, जिसमें विदेश राज्य मंत्री वी. मुरलीधरन भी शामिल हुए। मुरलीधरन ने कहा, दुनिया को सकारात्मक रहने और स्वस्थ शरीर के लिए योग व ध्यान की जरूरत है। विश्व आपदा पहल के प्रमुख और एएवाईएम के उपाध्यक्ष डॉ. अमित चक्रवर्ती ने कहा, कोरोना वायरस के डेल्टा स्वरूप की भयावहता को देखते हुए हमारा अनुमान है कि ऑक्सीजन कन्संट्रेटर्स से कहीं अधिक जरूरत वेंटीलेटरों की है।
जी-7 सम्मेलन में गरीब देशों को वैक्सीन देने पर हुई थी बात
ब्रिटेन के कार्बिस बे में दुनिया के सबसे अमीर जी-7 देशों की शिखर वार्ता के पहले दिन की शुरुआत से पहले ही ब्रिटिश पीएम बोरिस जॉनसन ने उम्मीद जताई थी कि जी-7 देश विश्व के गरीब देशों को एक अरब डोज देने को तैयार हो जाएंगे, ताकि टीकाकरण मुहिम तेज हो सके।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने 50 करोड़ खुराकें गरीब देशों में दान करने की प्रतिबद्धता जताई थी। जी-7 में अमेरिका-ब्रिटेन के अलावा कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान भी शामिल हैं।
सम्मेलन से पूर्व ब्रिटेन के पीएम ने कहा, जी-7 को संकल्प लेना चाहिए कि वे 2022 के अंत तक दुनिया की पूरी आबादी को वैक्सीन देने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, हम अपने मित्र देशों के साथ मिलकर इस महामारी को हराना चाहते हैं। हम इसके लिए संकल्पबद्ध हैं और अगले कुछ हफ्तों में ही ब्रिटेन गरीब देशों को करीब 50 लाख खुराकें देगा। मैं सभी देशों से कहूंगा कि इसमें सहयोग करें।