उत्तर कोरिया और अमेरिका के बीच एक बार फिर परमाणु मुद्दे पर किसी समझौते तक पहुंचने की संभावना दिखाई देने लगी है। उत्तर कोरिया के एक वरिष्ठ राजनयिक ने मंगलवार को दावा किया कि दोनों देशों के बीच निरस्त्रीकरण के बदले प्रतिबंधों को हटाए जाने के मुद्दे पर महीनों से चल रहा गतिरोध खत्म हो गया है।
उत्तर कोरिया ने अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ चल रहे गतिरोध की संयुक्त राष्ट्र में सोमवार को निंदा की। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को बताया कि समस्या अमेरिका के राजनीतिक और सैन्य उकसावे के कारण है। उत्तर कोरिया के राजदूत किम सोंग ने कहा कि अब अमेरिका पर ही निर्भर करता है कि वह बातचीत के अवसर तैयार करती है या नहीं।
उत्तर कोरिया के राजदूत ने कहा, ‘यह अमेरिका पर निर्भर करता है कि बातचीत अवसरों के द्वार खोलती है अथवा ऐसी स्थिति पैदा करती है कि जिससे संकट और बढ़े।’ सोंग ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में कहा कि कोरियाई प्रायद्वीप बढ़े हुए तनाव के अनेक चक्रों से बाहर नहीं निकल पाया है। जिसकी पूरी जिम्मेदारी अमेरिका के राजनीतिक और सैन्य उकसावे को जाती है।