पश्चिम एशिया में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरान ने बहरीन की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बटेलको के मुख्यालय पर ड्रोन और मिसाइल से हमला कर दिया है। पहली नजर में यह हमला किसी टेलीकॉम कंपनी पर लग सकता है, लेकिन इसकी इनसाइड स्टोरी बेहद चौंकाने वाली है। दरअसल, इसी बिल्डिंग से दुनिया की सबसे बड़ी क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी 'अमेजन वेब सर्विसेज' (एडब्ल्यूएस) का पूरा सिस्टम ऑपरेट हो रहा था।
पहली बार किसी अमेरिकी टेक कंपनी पर ईरान ने किया हमला
यह इतिहास में पहली बार है जब ईरान ने सीधे तौर पर किसी अमेरिकी टेक कंपनी के फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर, डाटा सेंटर को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद बहरीन और उसके आस-पास के देशों में अफरा-तफरी का माहौल है। अमेजन के सर्वर डाउन होने की वजह से कई बड़े कॉर्पोरेट नेटवर्क, स्थानीय बैंकिंग सिस्टम और एयरलाइन रिजर्वेशन सिस्टम अचानक ठप पड़ गए हैं।
बहरीन के गृह मंत्रालय ने की पुष्टि
बहरीन के गृह मंत्रालय ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि देश की 'सिविल डिफेंस' टीमें मौके पर आग बुझाने के काम में जुटी हुई हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों को देखते हुए सरकार ने अभी तक कंपनी के नाम, इसमें हुए नुकसान या किसी के हताहत होने का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है।
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आईआरजीसी ने दी थी चेतावनी
हाल ही में ईरान की 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' ने खुलेआम चेतावनी दी थी कि वे अमेरिका और इस्राइल से जारी जंग के बीच अब अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाएंगे। ईरान ने कहा था कि वह इस क्षेत्र में काम कर रही उन सभी कंपनियों को निशाना बना सकता है जिनके तार अमेरिका से जुड़े हैं। ईरान ने बाकायदा माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एपल जैसी दिग्गज कंपनियों का नाम लेकर उन्हें आगाह किया था।
अमेजन ने क्या कहा?
पश्चिम एशिया संकट के बाद अमेजन एक्टिव मोड में आ गया है। कंपनी ने पिछले हफ्ते कहा था कि वह अपने क्लाउड ट्रैफिक को दूसरे सुरक्षित देशों के डाटा सेंटर्स में शिफ्ट करने में जुटी है। अमेजन की क्लाउड विंग 'अमेजन वेब सर्विसेज' ने खुद माना है कि इस युद्ध के चलते बहरीन में उनके ऑपरेशंस बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
हालांकि, इस हमले ने यह साबित कर दिया है कि भविष्य की जंग अब सिर्फ जमीनी सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल दुनिया भी इसकी सीधी जद में है।