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Pakistan Crisis: सेना और विपक्ष दोनों की नजर में देश गुजर रहा है ‘काले दौर’ से

Thu, 11 May 2023 04:14 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने बुधवार शाम ट्विटर पर एक सूची जारी की, जिसमें उसने दावा किया कि अब तक प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 47 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि अनगिनत लोग घायल हुए हैं। सरकार ने तब तक सिर्फ सात लोगों की जान जाने की बात कही थी...
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पाकिस्तान में विरोध-प्रदर्शन। - फोटो : Agency (File Photo)
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विस्तार
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पाकिस्तान में विपक्ष के साथ-साथ सेना और सत्ता पक्ष ने भी नौ मई के दिन को पाकिस्तान के लिए 'काला दिवस' बताया है। लेकिन दोनों के ऐसा कहने के अलग-अलग कारण हैं। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने अपने नेता इमरान खान की गिरफ्तारी के कारण इस दिन को ‘काला दिवस’ बताया है। मंगलवार से पीटीआई के समर्थक लगातार सड़कों पर विरोध जता रहे हैं। पार्टी ने बुधवार शाम ट्विटर पर एक सूची जारी की, जिसमें उसने दावा किया कि अब तक प्रदर्शनकारियों पर सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 47 लोग मारे जा चुके हैं, जबकि अनगिनत लोग घायल हुए हैं। सरकार ने तब तक सिर्फ सात लोगों की जान जाने की बात कही थी।

उधर, सेना के जन संपर्क विभाग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि नौ मई से हो रही घटनाएं देश के इतिहास में एक ‘काला अध्याय’ हैं। इस बयान में इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद सेना की संपत्ति और उसके ठिकानों पर हुए हमलों का जिक्र किया गया। आईएसपीआर ने इमरान खान की गिरफ्तारी को जायज ठहराया और चेतावनी दी कि अब आगे किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

आईएसपीआर के बयान में इस बात को स्वीकार किया गया है कि सेना के ठिकानों और संपत्तियों को देश भर में बड़े पैमाने पर निशाना बनाया गया है। साथ ही इमरान खान के हजारों समर्थकों ने सेना विरोधी नारे लगाए हैं। आईएसपीआर ने इन गतिविधियों की निंदा की है।

विश्लेषकों के मुताबिक नौ मई की शाम से हो रही घटनाएं पाकिस्तान में अभूतपूर्व हैं। पाकिस्तान में सेना और खुफिया एजेंसी आईएसआई को ‘पवित्र गाय’ समझा जाता रहा है। उसे आलोचना से ऊपर माना जाता रहा है। इस वर्जना को पहली बार इमरान खान ने तोड़ा है। वे पिछले एक साल से लगातार सेना की आलोचना कर रहे थे। हफ्ते भर पहले उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले नवंबर में उनकी हत्या की हुई कोशिश की साजिश आईएसआई के अधिकारी मेजर जनरल फैसल नसीर ने रची थी। इस आरोप के बाद घटनाक्रम तेजी से घूमा, जिसमें इमरान को गिरफ्तार किया गया।

आईएसपीआर ने अपने बयान में कहा- ‘सत्ता के लालच से वशीभूत सियासी चोगा पहने एक समूह ने वह कर दिखाया है, जो हमारे बाहरी दुश्मन भी पिछले 75 साल में नहीं कर सके थे।’

इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद से देश भर में हालत विस्फोटक बनी हुई है। जगह-जगह बैरिकेड खड़े किए गए हैं। लेकिन बुधवार रात कई जगहों पर भीड़ ने बैरिकेड तोड़ दिए। इमरान खान के समर्थक लगातार नारों में सेना को निशाना बना रहे हैं। जबकि सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर पीटीआई नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने शुरू किए हैं। आशंका है कि अब इन सबको गिरफ्तार किया जा सकता है।

सेना की इस चेतावनी से देश में खूनखराबे का अंदेशा और गहरा गया है कि सेना और सरकारी ठिकानों को निशाना बानाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आईएसपीआर ने कहा है कि ऐसे लोगों के खिलाफ अब सख्त और निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। सेना और पुलिस की कार्रवाइयों में हताहत हो रहे लोगों की बढ़ती संख्या के बीच पीटीआई नेताओं ने कहा है कि देश इस समय काले दौर से गुजर रहा है। 

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