सियासी समीकरणों में पिछड़ जाने के बाद अब पाकिस्तान की इमरान खान सरकार की लगभग सारी उम्मीदें सुप्रीम कोर्ट के रुख पर टिक गई हैं। सोमवार को सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दल बदल से जुड़े संविधान के अनुच्छेद 63 (ए) की व्याख्या के लिए अर्जी दायर की। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर सुनवाई के लिए एक खास बेंच बनाने का का फैसला किया है।
लेकिन सोमवार को पाकिस्तान के प्रधान न्यायाधीश उमर अटा बंदियाल ने जो कहा, उसे इमरान खान सरकार के लिए एक झटका समझा गया। जस्टिस बंदियाल ने संकेत दिया कि प्रेंसिडेशियल रेफरेंस के रूप में दायर सरकारी याचिका पर फैसला आने तक मतदान प्रक्रिया को नहीं रोका जाएगा। उन्होंने कहा- अदालत को अभी तक ऐसा नहीं लगता कि नेशनल असेंबली की कार्यवाही में उसे हस्तक्षेप करना चाहिए।
इस मामले से पाकिस्तान के राजनीतिक दलों की उम्मीद किस हद तक जुड़ी हुई है, इसका संकेत सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में देखने को मिला। मामले की सुनवाई के समय पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) के नेता शाहबाज शरीफ और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो भी कोर्ट रूम में मौजूद थे।
इस बीच पीएमएल (नवाज) ने एलान किया है कि इमरान खान सरकार गिरने के बाद उसके नेता शाहबाज शरीफ प्रधानमंत्री पद के दावेदार होंगे। पार्टी की उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने कहा- हालांकि प्रधानमंत्री कौन बने, यह फैसला विपक्षी दल अपनी बैठक में करेंगे, लेकिन उनकी पार्टी शाहबाज शरीफ का नाम प्रस्तावित करेगी। मरियम नवाज ने दावा किया कि इमरान खान का खेल खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा- ‘प्रधानमंत्री को यह मालूम है कि अब कोई उन्हें बचाने नहीं आएगा।’