शशि थरूर की अगुवाई में गए भारतीय संसद के सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका दौरा खत्म कर लिया है। इस दौरे का मकसद था दुनिया को ये बताना कि भारत पाकिस्तान से हो रहे आतंकवाद को लेकर कितना गंभीर है। इस दौरान सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडाउ से मुलाकात की। इसके अलावा अमेरिकी संसद (कैपिटल हिल) में कई सांसदों, विदेश मामलों की समितियों, थिंक टैंक, मीडिया और भारतीय-अमेरिकी समुदाय से बातचीत की।
पहलगाम हमला और ऑपरेशन सिंदूर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसमें 26 लोगों की मौत हो गई थी। इसके जवाब में भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर के तहत कार्रवाई की। जिसमें भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया। इस आतंकवादी घटना और भारत की कार्रवाई के बारे में अंतरराष्ट्रीय नेताओं को जानकारी देने के लिए भारत ने सात अलग-अलग प्रतिनिधिमंडल बनाए थे, जो 33 देशों की राजधानियों में गए। शशि थरूर की टीम इसी अभियान का हिस्सा थी।
उपराष्ट्रपति वेंस और लैंडाउ से हुई बातचीत
शशि थरूर ने बताया कि व्हाइट हाउस में 25 मिनट की बैठक बहुत सकारात्मक रही। उपराष्ट्रपति वेंस ने पहलगाम हमले पर गहरा दुख जताया और भारत की संयमित कार्रवाई की सराहना की। डिप्टी सेक्रेटरी क्रिस्टोफर लैंडाउ ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पूरी तरह खड़ा है और दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगा। उन्होंने व्यापार और विकास पर भी बातचीत की।
प्रतिनिधिमंडल ने महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि
अपने दौरे के आखिरी दिन सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के पास स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। शशि थरूर ने एक्स पर लिखा, 'दुनियाभर की राजधानियों में गांधीजी की प्रतिमाएं उनके शांति और अहिंसा के संदेश की गवाही देती हैं।' बता दें कि, अमेरिका आने से पहले यह टीम न्यूयॉर्क, गयाना, पनामा, कोलंबिया और ब्राजील गई थी।
प्रतिनिधिमंडल में किस दल के कितने सांसद?
कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व वाले सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल में झारखंड मुक्ति मोर्चा के सांसद सरफराज अहमद, टीडीपी के हरीश माधुर बालायोगी, भाजपा के शशांक मणि त्रिपाठी, भुवनेश्वर कलिता, तेजस्वी सूर्या, शिवसेना - शिंदे गुट के मिलिंद देवड़ा और भारत के पूर्व अमेरिकी राजदूत तरनजीत संधू शामिल थे।
भारत-पाक संबंधों में तनाव
- 22 अप्रैल: पहलगाम आतंकी हमला, 26 लोगों की नृशंस हत्या
- 7 मई: भारत का ऑपरेशन सिंदूर, नौ आतंकी ठिकाने ध्वस्त, कई आतंकी मारे गए
- 10 मई: दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच DGMO स्तर की बातचीत में तनाव कम करने पर सहमति