इस्राइली रक्षा बल (आईडीएफ) के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट बेन कोहेन ने शनिवार को हिजबुल्ला को ईरानी आतंकवादी प्रॉक्सी करार देते हुए कहा कि लेबनान में सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी विकल्प खुले हैं। आईडीएफ प्रवक्ता ने यह भी स्पष्ट किया कि लेबनान में संभावित जमीन पर हमले पर कोई विकल्प टाला नहीं गया है।
लेफ्टिनेंट कोहेन ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, "लेबनान की स्थिति को समझने के लिए इतिहास को जानना जरूरी है। अक्तूबर 2023 में, जब हम बात कर रहे हैं, तब हमास ने इस्राइल पर हमला किया था और हिजबुल्ला ने इसका साथ दिया। इस समय इस्राइल ने उत्तर में 60,000 से अधिक नागरिकों को सुरक्षित निकालने का कठिन निर्णय लिया। हम ऐसी स्थिति में नहीं रह सकते जहां आतंकवादी हमारे नागरिकों को उनके घरों में धमकी दें।"
'सभी विकल्प खुले हैं'
आईडीएफ प्रवक्ता ने कहा कि हिजबुल्ला को रोकने के लिए इस्राइल ने फॉरवर्ड डिफेंसिव पोस्टर अपनाया है, जिसमें सैनिकों को लेबनान सीमा से कुछ सौ मीटर अंदर भेजा गया है ताकि हिजबुल्ला रॉकेट और एंटी-टैंक मिसाइलें फायर न कर सके। उन्होंने जोर देकर कहा भविष्य की योजनाओं पर मैं विस्तार से नहीं जा सकता, लेकिन सभी विकल्प खुले हैं। हम यह नहीं होने देंगे कि हिजबुल्ला हथियार लेकर हमारी सीमा पर आगे बढ़े।
'गंभीर परिणाम भुगतने होंगे'
हिजबुल्ला को ईरानी प्रॉक्सी बताते हुए लेफ्टिनेंट कोहेन ने कहा कि पिछले वर्ष ईरान ने इस संगठन में लगभग एक अरब डॉलर का निवेश किया। उन्होंने कहा हमने पहले उन पर हमला नहीं किया। हमने ईरान के खिलाफ अभियान शुरू किया और इसके बाद उन्होंने इस्राइली नागरिकों पर सैकड़ों रॉकेट और UAV दागे। इस्राइली वायुसेना ने हाल ही में हिजबुल्ला के कम्युनिकेशन यूनिट के प्रमुख कमांडर शाम अब्दुल करीम यासिन को मार गिराया। इसके जवाब में हिजबुल्ला नेता नैम कासेम ने कहा कि उनका संगठन लंबी लड़ाई के लिए तैयार है।
इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज़ ने चेतावनी दी कि यदि लेबनान सरकार हिजबुल्ला को निरस्त्र करने में विफल रही तो उसे इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। आईडीएफ के आंकड़ों के अनुसार, इस्राइल ने अब तक लेबनान में 1,100 से अधिक हमले किए हैं, जिनमें कमांड केंद्र और रॉकेट लॉन्चर को निशाना बनाया गया।