जैक मा ने अक्टूबर, 2020 में चीन के वित्तीय नियामकों और सरकारी बैंकों की आलोचना की थी। उन्होंने शंघाई में दिए भाषण में यह आलोचना की थी। जैक मा ने सरकार से आह्वान किया था कि वह ऐसे सिस्टम में बदलाव करे, जो कारोबार में नवाचारों के प्रयासों को दबाने का काम करते हैं। मा के इस भाषण के बाद चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी मा पर बिगड़ गई थी। इसके बाद से मा के एंट ग्रुप सहित कई कारोबारों पर असाधारण प्रतिबंध लगाए जाने शुरू हो गए थे।
मीडिया के प्रति काफी सहज रहने वाले जैक मा का एंट ग्रुप के आईपीओ के निलंबन के बाद से ही कोई सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज नहीं कराना सभी को चौंका रहा था। आपको बता दें कि 2016 और 2017 में चीन के कुख्यात भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के दौरान कई अरबपति गायब हो गए थे। इनमें से कुछ दोबारा दिखाई दिए। उन्होंने बताया था कि वे अधिकारियों की मदद कर रहे थे। जबकि, अन्य कभी नहीं लौटे।