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ऑस्ट्रेलिया : हवाई अड्डों पर पार्किंग संकट : उड़ानें बंद होने से विमान खड़े करने की जगह नहीं

Wed, 28 Oct 2020 11:05 AM IST
Tanuja Yadav वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैनबरा
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हवाई जहाज पार्किंग - फोटो : social media
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ऑस्ट्रेलिया के हवाई अड्डों पर विमानों की पार्किंग की समस्या पैदा हो गई है। हवाई अड्डे से सटे एशिया-प्रशांत विमान डिपो में 100 से ज्यादा विमान खड़े हैं। अब वहां विमानों को खड़ा करने की जगह नहीं है। 

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दरअसल, कोरोना संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बंद हैं। हालांकि यूरोप और अमेरिका में कोरोना के मामले बढ़ने के बावजूद अब लोग हवाई यात्रा कर रहे हैं। एविएशन एनालिटिकल कंपनी के मुताबिक एशिया-प्रशांत क्षेत्र में कोरोना से पहले की स्थिति वापस आ गई है, जहां हर दिन कम से कम एक हवाई जहाज उड़ान भरता है। इसका सबसे ज्यादा श्रेय चीन को जाता है, जहां घरेलू बाजार दोबारा खुल गए हैं, हालांकि कोरोना वायरस चीन से ही फैला था।

अंतरराष्ट्रीय रूट कमजोर
अंतरराष्ट्रीय रूट अभी भी कमजोर है। अंतरराष्ट्रीय एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने पिछले महीने 2020 के लिए अपने ट्रैफिक के पूर्वानुमान में गिरावट दर्ज की क्योंकि इस अवधि में रिकवरी बहुत कम हुई है। यह समूह 290 एयरलाइंस का प्रतिनिधित्व करता है।
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एनालिटिकल कंपनी की ओर से जारी डेटा के मुताबिक एशिया के अधिकांश हिस्सों में विमानों की संख्या में कमी आई है। हालांकि एलाइस स्प्रिंग्स में विमानों की संख्या बढ़ रही है। एशिया-प्रशांत विमान डिपो के मैनेजिंग डायरेक्टर टॉम विंसेट का कहना है कि ऑस्ट्रेलिया में विमानों को पार्क करके रखने का विचार लंबे समय से चला आ रहा है।

विंसेट की योजना है कि वो अपने भंडार ग्रह को साउथ हेमिस्फियर का हब बना दें ताकि वहां लंबे समय तक विमानों को रखा जा सके। विंसेट इस काम को महामारी के बाद भी आगे ले जाना चाहते हैं। विंसेट ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि एपीएएस में संग्रह करके रखे गए विमानों की संख्या 200 के आसपास ही रहेगी।

एयर लाइंस इंडस्ट्री का बुरा दौर
विंसेट का कहना है कि यह एयरलाइंस इंडस्ट्री के लिए बेहद खतरनाक स्थिति है। हालांकि इस बात की पूरी उम्मीद है कि जल्द ही या कुछ दिनों में बाकी के विमानों का भी संचालन किया जाएगा। लेकिन मौजूदा समय में विमान कई ज्यादा हो गए हैं, इसलिए पार्किंग और रख-रखाव के लिए ज्यादा बड़ी जगह की जरूरत पड़ सकती है।
 
पांच दिन का लगता है वक्त
एक विमान को डिपो में पार्क करने के लिए 12 लोगों की एक टीम लगती है, जिन्हें पांच दिन लगते हैं। इनमें से दो लोगों को विमान को ढंकने और टैप करने के लिए रखा जाता है ताकि विमान के इंजन और सिस्टम की सुरक्षा की जा सके। इसमें 40-50 टैप लग जाते हैं।

विंसेट ने कहा कि उनका क्रू इसी बात के इंतजार में है कि कब उनका विमान उड़ान भरेगा, क्रू के सदस्यों को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि वो कब अपना विमान उड़ता देख सकेंगे। विंसेट ने कहा कि फिलहाल विमान शांति से ऑस्ट्रेलियाई आउटबैक में रखे हैं।

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