फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पश्चिम एशिया तनाव का असर: 20 हजार उड़ानों में कटौती करेगा लुफ्थांसा समूह, ईंधन संकट की चिंता बढ़ी

Thu, 23 Apr 2026 04:11 AM IST
Nirmal Kant वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लास वेगास।

सार

पश्चिम एशिया में तनाव के चलते वैश्विक तेल और विमानन ईंधन की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर एयरलाइन कंपनियों के संचालन पर पड़ रहा है। कई कंपनियां लागत घटाने के लिए उड़ानों में कटौती कर रही हैं। इसी क्रम में लुफ्थांसा समूह ने 20 हजार छोटी दूरी की उड़ानें कम करने का फैसला किया है। पढ़िए रिपोर्ट-
विज्ञापन
flight airline check in new - फोटो : istock
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पश्चिम एशिया में तनाव का असर अब दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं और कारोबारों पर गहरा होने लगा है। इस युद्ध के कारण तेल की कीमतों में भारी वृद्धि देखने को मिली है और कुछ देशों को विमानन ईंधन की कमी की चिंता भी सताने लगी है।  लुफ्थांसा एयरलाइंस  और अन्य यूरोपीय एयरलाइन की मालिक जर्मन कंपनी ने मंगलवार को कहा कि इन चिंताओं के मद्देनजर वह अक्तूबर तक 20 हजार छोटी दूरी की उड़ानों में कटौती करेगी। 
विज्ञापन


लुफ्थांसा समूह ने कहा कि कम मुनाफे वाले मार्गों पर उड़ानों (मुख्य रूप से जर्मनी के फ्रैंकफर्ट और म्यूनिख शहरों में स्थित उसके प्रमुख हवाई अड्डों पर केंद्रित) को रद्द  करने से करीब 40 हजार मीट्रिक टन विमानन ईंधन के बराबर बचत होगी। 

कंपनी ने लागत कम करने के लिए पिछले हफ्ते अपनी एक क्षेत्रीय सहायक कंपनी सिटीलाइन को बंद कर दिया। कंपनी ने कहा कि उसके यूरोपीय नेटवर्क में योजनाबद्ध तरीके से एकीकरण से लुफ्थांसा एयरलाइंस, ऑस्ट्रियन एयरलाइंस, ब्रसेल्स एयरलाइंस, स्विस और आईटीए एयर भी शामिल होंगे। साथ ही ब्रसेल्स, रोम, वियना और ज्यूरिख स्थित केंद्र भी शामिल होंगे। 
विज्ञापन


दोगुनी हो गई विमानन ईंधन की कीमत
फरवरी के अंत में जब और इस्राइल ने ईरान पर हमले किए और युद्ध शुरू हुआ, तब से कुछ बाजारों में विमानन ईंधन की कीमत दोगुनी से अधिक हो गई। ईंधन की कीमतों में अचानक वृद्धि से एयरलाइंस खासतौर से प्रभावित होती हैं, क्योंकि विमानन ईंधन आमतौर पर उनके सबसे बड़े परिचालन खर्चों में से एक होता है। 

होर्मुज बंद होने से बाधित हुई आपूर्ति
ईरान के तट से दूर स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य के आस-पास जंग जारी है, जहां से दुनिया के एक-पांचवें तेल का परिवहन होता है। इससे दुनियाभर में ईंधन की कीमतों में वृद्धि हुई है और आपूर्ति बाधित हुई है। 

ये भी पढ़ें: प. एशिया: फारस की खाड़ी-होर्मुज में तेल रिसाव का खतरा; उपग्रह तस्वीरों में लावान द्वीप से कुवैत तट तक असर दिखा

यूरोप के पास कितना ईंधन बचा है?
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख ने 16 अप्रैल को अपने अनुमान में बताया था कि यूरोप के पास करीब छह हफ्ते के लिए ही ईंधन बचा है। एजेंसी ने कहा कि अगर और आपूर्ति नहीं मिली तो एयरलाइंस अपनी उड़ानों के मार्गों में कटौती करना शुरू कर  देंगी। 
विज्ञापन


लुफ्थांसा ने कहा कि उसने आने वाले हफ्तों के लिए पर्याप्त विमानन ईंधन सुरक्षित कर लिया है और गर्मियों के दौरान ईंधन की आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए कई उपाय कर रही है, जिसमें जेट ईंधन की प्रत्यक्ष खरीद भी शामिल है। उड़ानों के संचालन में कटौती करने वाली यह अकेली एयरलाइन नहीं है। 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें