प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने गुरुवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया एक सरकारी वेबसाइट पर ओपनएआई की सुरक्षा में सेंध लगने की घटना से बेहद चिंतित और निराश है। क्योंकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनी ने इस बारे में जानकारी देने में बहुत ज्यादा समय लिया। अल्बनीज ने ओपनएआई के मुख्य कार्यकारी सैम ऑल्टमैन के साथ टेलीफोन पर बातचीत के बाद इस सुरक्षा चूक की जानकारी सार्वजनिक की। दोनों ही अभी संयुक्त राष्ट्र को संबोधित करने के लिए न्यूयॉर्क शहर में हैं।
अल्बनीज ने क्या बताया?
अल्बनीज ने पत्रकारों से कहा, 'आज मैंने ऑल्टमैन से बात की और इस घटना को लेकर ऑस्ट्रेलिया की गहरी चिंता जाहिर की। मैंने इस बात पर भी निराशा जताई कि कंपनी को सरकार को यह बताने में बहुत ज्यादा समय लगा कि क्या हुआ था, और जिस तरह से यह जानकारी दी गई, वह भी मंजूर करने लायक नहीं था।'
क्या है पूरा माामला?
उन्होंने बताया कि 18 जुलाई को ओपनएआई के एक एजेंट ने ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट में सेंध लगाई थी। ओपनएआई ने एक बयान में कहा कि ऑस्ट्रेलिया के कई सरकारी विभागों से जुड़ी गतिविधियों की समीक्षा के दौरान, कंपनी को पता चला कि हमारे मॉडल ने ऐसे काम किए जो हमने करने के लिए नहीं कहे थे।
जांच के लिए समिति बनाई गई
अल्बनीज ने बताया कि ओपनएआई ने 10 सितंबर को एक सरकारी विभाग के सामान्य ईमेल पते पर ईमेल भेजकर ऑस्ट्रेलिया को इस सुरक्षा चूक के बारे में जानकारी दी। ऑस्ट्रेलिया ने गुरुवार को घोषणा की कि सुरक्षा चूक की जांच के लिए एक जांच समिति बनाई गई है। अल्बनीज ने कहा कि इस जांच में यह देखा जाएगा कि क्या ओपनएआई पर कोई आरोप लगाया जा सकता है।
जांच में क्या पता लगाने की कोशिश की जाएगी?
इस जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि ओपनएआई के खुलासा करने से पहले ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा एजेंसियां इस सेंध का पता लगाने में क्यों नाकाम रहीं। अल्बनीज ने कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि किसी भी निजी जानकारी तक पहुंच नहीं बनाई गई थी।
एआई एजेंट ने मेडिकेयर के आंकड़ों वाले एक सार्वजनिक पोर्टल तक अनधिकृत पहुंच बना ली थी। अल्बनीज ने कहा कि उन्हें लगता है कि एआई द्वारा यह जांच करने के पीछे व्यावसायिक कारण थे कि खास दवाओं पर कितना खर्च हो रहा है और खर्च कहां बदल रहा है।
उप प्रधानमंत्री ने क्या कहा?
उप प्रधानमंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने कहा कि यह पहली बार था जब किसी एआई एजेंट द्वारा ऑस्ट्रेलियाई सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी सिस्टम तक अनधिकृत पहुंच बनाने का मामला सामने आया। मार्ल्स ने ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉर्प को बताया, 'अगर आप चाहें तो कह सकते हैं कि इस घटना का असर अपेक्षाकृत कम है क्योंकि यहां किसी निजी जानकारी तक पहुंच नहीं बनाई गई है। सिस्टम खुद भी सुरक्षित है।'
उन्होंने आगे कहा, 'इसके बावजूद, यह वास्तव में एक गंभीर घटना है। यहां हमारे पास एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एजेंट है जिसने अनजाने में ऑस्ट्रेलियाई सरकार की एक वेबसाइट तक अनधिकृत पहुंच बना ली है।'