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Google: डिफाल्ट सर्च इंजन के तौर पर गूगल से समझौते में ढील की पेशकश, कंपनी ने प्रतिस्पर्धा बहाली के उपाय बताए

Sun, 22 Dec 2024 07:28 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सान फ्रांसिस्को

सार

गूगल ने अमेरिकी जिला जज अमित मेहता से आग्रह किया कि कंपनी को प्रतिस्पर्धा बहाल करने के लिए क्या करना चाहिए। उसने कहा, ऐसा निर्णय लेने में सावधानी बरतें। फैसले के मुताबिक, कंपनी ऑनलाइन खोज और संबंधित विज्ञापन में अवैध एकाधिकार रखती है।
 
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Google - फोटो : FREEPIK
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विस्तार
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गूगल अल्फाबेट ने अमेरिकी फैसले के तहत नए उपकरणों पर गूगल को डिफॉल्ट सर्च इंजन के रूप में स्थापित करने के लिए एपल और अन्य के साथ अपने समझौतों में ढील देने की पेशकश रखी है। कोर्ट इसे गैरकानूनी रूप से ऑनलाइन खोज पर हावी बताया था। यह पेशकश गूगल को अपना क्रोम ब्राउजर बेचने के लिए सरकार के दबाव से कहीं अधिक संकीर्ण है। इसे गूगल ने खोज बाजार में दखल करने का एक कठोर प्रयास बताया।
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गूगल ने जज से किया आग्रह
गूगल ने वाशिंगटन में अमेरिकी जिला जज अमित मेहता से आग्रह किया कि कंपनी को प्रतिस्पर्धा बहाल करने के लिए क्या करना चाहिए। उसने कहा, ऐसा निर्णय लेने में सावधानी बरतें। फैसले के मुताबिक, कंपनी ऑनलाइन खोज और संबंधित विज्ञापन में अवैध एकाधिकार रखती है।

अदालती दस्तावेजों में गूगल का बयान
गूगल ने अदालती दस्तावेजों में कहा कि न्यायालयों ने नवाचार को ठंडा करने वाले अविश्वास उपायों को लागू करने के प्रति आगाह किया है। गूगल उस फैसले के खिलाफ अपील करने की योजना बना रहा है। उसका कहना है कि आगामी चरण को ब्राउजर डेवलपर्स, मोबाइल डिवाइस निर्माताओं और वायरलेस वाहक के साथ अपने वितरण समझौतों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। वहीं, दूसरी तरफ न्यायाधीश अमित ने पाया कि मोबाइल कंपनियों से समझौते के तहत गूगल को उसके प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले बड़ा साभ मिलता है। कई बार तो लाभ इतना ज्यादा होता है कि उसका आकलन भी नहीं किया जा सकता। ये सब तथ्य गूगल के खिलाफ गए।
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