अमेरिका के शीर्ष सांसदों के बीच 900 अरब डॉलर के राहत पैकेज संबंधी समझौते पर सहमति बन गई है। इस राशि का इस्तेमाल कोरोना वायरस महामारी के दौरान बुरी तरह प्रभावित हुए कारोबारियों और जरूरतमंदों की मदद तथा टीका मुहैया कराने के लिए किया जाएगा। इससे अमेरिकियों और व्यवसायों की तत्काल सहायता मिलेगी ताकि देश में आर्थिक तबाही से राहत मिल सके।
हर सप्ताह बेरोजगार को 300 डॉलर और जरूरतमंदों को मिलेंगे 600 डॉलर
हालांकि यह राहत मार्च में लागू किए गए 22 खरब डॉलर के प्रोत्साहन कानून के लगभग आधे आकार की है लेकिन अमेरिका के आधुनिक इतिहास में सबसे बड़े राहत पैकेजों में से एक है। अमेरिकी संसद में डेमोक्रेटों और रिपब्लिकन नेताओं ने कहा कि उनके बीच महामारी सहायता का बड़ा समझौता हुआ है जिसमें अमेरिकियों को सीधे भुगतान करने, बेरोजगारी लाभ और टीका तथा कारोबारों को फंड मुहैया कराना शामिल है।
इस पैकेज के तहत बेरोजगारों को हर हफ्ते 300 डॉलर (22,000 रुपए) और जरूरतमंद लोगों को 600 डॉलर (44,000 रुपए) की मदद दी जाएगी। नए प्रावधानों के तहत सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले कारोबारों, स्कूलों और स्वास्थ्य सेवाओं की भी मदद की जाएगी। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन इस समझौते को अर्थव्यवस्था में गति देने के इरादे से लागू कराने के पक्ष में थे।
निचले सदन में आज मतदान
इस राहत पैकेज को लेकर लंबे समय से बहस चल रही थी। प्रतिनिधि सभा (निचले सदन) के नेताओं ने सांसदों को सूचित किया कि वे मंगलवार सुबह इस विधेयक पर मतदान करेंगे। सीनेट के बहुमत के नेता मिच मैक्कॉनेल ने राहत पैकेज से संबंधित विधेयक पर समझौते की घोषणा करते हुए कहा, यह अमेरिकियों के लिए एक और बड़ा राहत पैकेज होगा। पैकेज को लेकर गतिरोध शनिवार रात को दूर हो गया था।