फिलीपींस में आए विनाशकारी भूकंप के बाद राहत-बचाव कार्य चलाया जा रहा है। लेकिन इसमें सबसे बड़ी परेशानी भूकंप के बाद आने वाले झटकों (आफ्टरशॉक्स) के रूप में आ रही है। जानकारी के मुताबिक, फिलीपींस में अब तक 2100 से अधिक भूकंप के बाद आने वाले झटके आ चुके हैं, जिससे राहत-बचाव कार्य को बार-बार रोकना पड़ रहा है। ताजा जानकारी के अनुसार, अब तक कम से कम 45 लोगों की मौत हो चुकी है और तकरीबन 630 लोग घायल बताए जा रहे हैं। अभी भी 17 लापता लोगों की तलाश की जा रही है। भूकंप का सबसे अधिक असर जनरल सैंटोस सिटी और आसपास के राज्य- सरंगानी, साउथ कोटाबाटो और दावाओ ऑक्सिडेंटल में देखा गया है।
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राहत-बचाव कार्य में आ रही बड़ी परेशानी
फिलीपींस के ज्वालामुखी और भूकंप विज्ञान संस्थान के अनुसार भूकंप के बाद 2100 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए हैं। इनमें कुछ की तीव्रता 6.4 तक बताई गई। लगातार आ रहे इन झटकों से अतिरिक्त नुकसान और जनहानि की आशंका बनी हुई है। आज एक आंशिक रूप से ढही हुई किराना इमारत में सर्च ऑपरेशन के दौरान तेज आफ्टरशॉक आया, जिससे बचावकर्मियों को तुरंत बाहर की ओर भागना पड़ा। अधिकारियों ने बताया कि इमारत को सुरक्षित किए बिना राहत कार्य फिर से शुरू नहीं किया जा सकता।
सरकारी शिविरों पर आश्रित हजारों लोग
लगभग 25,000 लोग अभी भी विस्थापित हैं और सरकारी राहत शिविरों में रह रहे हैं।अधिकारियों की मानें तो कई लोग मानसिक आघात के कारण अपने घर लौटने से डर रहे हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो भूकंप से 3,100 से अधिक घर, 29 सड़कें, 11 पुल और 100 से अधिक सरकारी भवन क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके साथ ही जनरल सैंटोस का अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इसे अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है, हालांकि राहत सामग्री और सरकारी उड़ानों को अनुमति दी गई है।
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समुद्री इलाकों में भी भारी नुकसान
इस भयावह भूकंप के बाद समुद्री इलाकों में भी खतरा पैदा हो गया। भूकंप के बाद उठी तेज लहरों में कई लोग बह गए थे। तटरक्षक बल ने कुछ लोगों को बचाया, लेकिन कुछ अभी भी लापता हैं। अधिकारियों का कहना है कि लापता लोगों की तलाश के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि यह भूकंप कोटाबाटो ट्रेंच में भूगर्भीय हलचल के कारण आया और यह पिछले कई दशकों में फिलीपींस में आए सबसे शक्तिशाली भूकंपों में से एक है।