विदेशों से वित्तीय सहायता जुटाने की मुहिम में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ को सऊदी अरब में पहली कामयाबी मिली। उसके बाद उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के दरवाजे पर दस्तक दी। इसके बाद उनका अगला मुकाम चीन होगा। लेकिन चीन जाने के पहले शरीफ के सामने एक बड़ी चुनौती है। पाकिस्तान में चीनी नागरिकों पर बढ़ रहे आतंकवादी हमलों से चीन चिंतित है। पर्यवेक्षकों की राय है कि इसके पहले कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री अतिरिक्त वित्तीय सहायता मांगें, उन्हें चीन के नेताओं को पाकिस्तान में मौजूद चीनी नागरिकों की सुरक्षा के इंतजामों पर सफाई देनी होगी।
हाल में कराची यूनिवर्सिटी कैंपस में एक आत्मघाती हमले में तीन चीनी नागरिक मारे गए थे। उससे पाकिस्तान में मौजूद चीनी नागरिकों की सुरक्षा का सवाल एक बार फिर गंभीर हो गया है। चीन-पाकिस्तान इकॉनमिक कोरिडोर (सीपीईसी) के सिलसिले में बड़ी संख्या में चीनी विशेषज्ञ पाकिस्तान में काम कर रहे हैं। पिछले साल एक ऐसे ही प्रोजेक्ट स्थल पर हुए आतंकवादी हमले में दस चीनी मारे गए थे।
पाकिस्तान के अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री शरीफ ने अधिकारियों को चीनी नागरिकों की सुरक्षा की नई योजना तैयार करने का आदेश दिया है। ईद के बाद वे निजी रूप से इस योजना से जुड़े पहलुओं पर चर्चा करेंगे। इस खबर के मुताबिक पाकिस्तान के गृह और योजना मंत्रालयों से संबंधित अधिकारी सिक्युरिटी प्लान तैयार करने में जुटे हुए हैँ। शाहबाज शरीफ ने योजना, विकास, और विशेष पहल विभाग के मंत्री अहसान इकबाल को निर्देश दिया है कि वे पाकिस्तान में कार्यरत सभी चीनी अधिकारियों के साथ बैठक करें। इकबाल को यह जानकारी हासिल करने को कहा गया है कि चीनी कंपनियों की सुरक्षा इंतजामों के बारे में क्या राय है और उनके क्या सुझाव हैं।
अखबार ने बताया है कि सुरक्षा इंतजामों के अलावा सभी संबंधित मंत्रालयों से सीपीईसी से जुड़ी परियोजनाओं पर अमल में आ रही दिक्कतों का जायजा लेने को भी कहा गया है। चीनी नागरिकों को यहां काम करने, वीजा हासिल करने और वीजा की अवधि बढ़वाने आदि में जो समस्याएं आती हैं, उनका भी आकलन करने को कहा गया है।