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पाकिस्तान: आतंकवादी हमलों से लग रही है इमरान खान सरकार की साख में सेंध

Sat, 29 Jan 2022 04:31 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद

सार

पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने गुरुवार को ही ब्रिटिश मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में आशंका जताई कि पाकिस्तान में अगले दो महीनों में आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार के पास सर्वश्रेष्ठ किस्म की खुफिया व्यवस्था है, जिससे उसे यह सूचना मिली है...
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इमरान खान - फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
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बलूचिस्तान प्रांत में हुए भयानक दहशतगर्द हमले ने देश को हिला कर रख दिया है। इस हमले ने इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) सरकार की शासन क्षमता पर नए सिरे से गंभीर सवाल उठा दिए हैं। सरकार पर आंतकवाद के खिलाफ प्रभावी रणनीति अपनाने में नाकाम रहने के इल्जाम लग रहे हैं। इस हमले की खबर उसी रोज आई जिस दिन पाकिस्तान के गृह मंत्री ने चेतावनी दी कि देश में अगले दो महीनों में आतंकवादी गतिविधियां बढ़ सकती हैं। उधर इमरान खान सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने कहा कि अभी भी अफगानिस्तान की जमीन का पाकिस्तान के खिलाफ इस्तेमाल हो रहा है।

आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की आशंका

बलूचिस्तान प्रांत के केच जिले में आतंकवादियों की तरफ से गोलीबारी में पाकिस्तान के दस सैनिक मारे गए। सेना ने दावा किया है कि उसकी तरफ से की गई जवाबी गोलीबारी में एक दहशतगर्द मारा गया। सेना ने कहा है कि हमले के बाद उस इलाके में सेना की तरफ से छेड़े गए खोजबीन अभियान में तीन आतंकवादी पकड़े गए हैं।

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पाकिस्तान के गृह मंत्री शेख राशिद अहमद ने गुरुवार को ही ब्रिटिश मीडिया को दिए एक इंटरव्यू में आशंका जताई कि पाकिस्तान में अगले दो महीनों में आतंकवादी गतिविधियों में बढ़ोतरी हो सकती है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान सरकार के पास सर्वश्रेष्ठ किस्म की खुफिया व्यवस्था है, जिससे उसे यह सूचना मिली है। जबकि इस बयान का जिक्र करते हुए आलोचकों ने सवाल उठाया है कि अगर सरकार हमले रोकने में सक्षम नहीं है, तो पहले से सूचना मिल जाने से भी वह क्या हासिल कर लेगी?  

आलोचकों ने थिंक टैंक पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटीज स्टडीज की इसी महीने जारी हुई एक रिपोर्ट का जिक्र किया है। उस रिपोर्ट में बताया गया था कि 2021 में पाकिस्तान आतंकवादी हमलों में 56 फीसदी का इजाफा हुआ। जबकि इसके पहले लगातार छह साल तक ऐसी घटनाओं में रुख गिरावट का रहा था। इस रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में आतंकवादियों ने कुल 294 हमले किए, जिन में 192 सुरक्षाकर्मी और 186 नागरिक मारे गए। अब 2022 के पहले महीने में ही बलूचिस्तान में इतना जबरदस्त हमला हुआ है।

टीटीपी से गतिविधियां रोकने को कहा

आतंकवाद से निपटने के सवाल पर सरकार में मौजूद भ्रम का इजहार गृह मंत्री और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के ताजा बयानों से भी हुआ है। ब्रिटिश मीडिया को दिए इंटरव्यू में गृह मंत्री अहमद ने अफगान तालिबान की ‘सकारात्मक भूमिका’ की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अफगान तालिबान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) से अपनी गतिविधियां रोकने को कहा है। जबकि पाकिस्तान की संसद नेशनल असेंबली की एक स्थायी समिति के सामने दिए अपने बयान में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद युसूफ ने दो टूक कहा कि अभी भी अफगानिस्तान की जमीन से पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को संचालित किया जा रहा है।

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युसूफ ने कहा कि पाकिस्तान सरकार अब अफगानिस्तान में बनी तालिबान सरकार को लेकर ‘संपूर्ण आशावादी’ नहीं है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार का यह बयान इस बात की स्वीकारोक्ति है कि टीपीटी के मामले में पाकिस्तान सरकार की नीति नाकाम रही। पाकिस्तान में हो रहे आतंकवादी हमलों के पीछे मुख्य रूप से इसी संगठन का हाथ बताया जाता है।

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